चाईबासा में श्री साईं महोत्सव का पंडाल गिरा, अनेकों श्रद्धालु घायल

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड:चाईबासा के गांधी मैदान में श्री साईं परिवार (ट्रस्ट) द्वारा आयोजित 18वें श्री साईं महोत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बुधवार की शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान की वजह से विशाल पंडाल ढह गया, जिससे दर्जनों श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
आंधी के कारण मची अफरातफरी, दर्जनों घायल
जानकारी के मुताबिक, महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। करीब 5000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था इस पंडाल में की गई थी। आयोजन के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया।
तूफान से बचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पंडाल में शरण लेने के लिए दौड़ पड़े। इसी दौरान तेज हवा और भारी दबाव के कारण पूरा पंडाल धड़ाम से गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।
बचाव कार्य में जुटा प्रशासन, घोड़े का भी रेस्क्यू
पंडाल गिरते ही वहां मौजूद जिला पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस बल ने मिलकर मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब एक दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इसके अलावा, देर शाम तक पंडाल के अंदर फंसे एक घोड़े का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। यह घोड़ा महोत्सव में किसी धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा था, लेकिन पंडाल गिरने के कारण अंदर फंस गया था।
श्रद्धालुओं में दहशत, आयोजन समिति ने जताया दुख
इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई, लेकिन किसी की गंभीर चोट न लगने से राहत की बात रही। श्री साईं परिवार (ट्रस्ट) के आयोजकों ने इस अप्रत्याशित घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया।
प्रशासन की अपील: खराब मौसम में सतर्क रहें
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बड़े आयोजनों में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। पंडाल और अन्य अस्थायी संरचनाओं की मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
चाईबासा में श्री साईं महोत्सव के दौरान हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भीड़भाड़ वाले आयोजनों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रशासन की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।