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छात्रवृत्ति और साइकिल वितरण में तेजी लाने के निर्देश, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति पर सख्ती

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:पूर्वी सिंहभूम जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में शिक्षा एवं कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परियोजना निदेशक आईटीडीए एवं उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने की, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ ससमय छात्रों को मिले और स्कूल से ड्रॉपआउट छात्र दोबारा शिक्षा से जुड़ें, इसके लिए ठोस पहल की जाए।

बैठक में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान की समीक्षा की गई, जिसमें कई छात्रों का बैंक खाता त्रुटिपूर्ण होने और एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग न होने के कारण उनकी छात्रवृत्ति रुकी हुई पाई गई। इस समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे बैंक शाखाओं से समन्वय स्थापित कर भुगतान प्रक्रिया तेज करें। सभी बीईईओ को आदेश दिया गया कि छात्रों के आधार बायोमेट्रिक अपडेशन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए, क्योंकि निष्क्रिय आधार की वजह से एनपीसीआई मैपिंग संभव नहीं हो पाती, जिससे छात्रवृत्ति भुगतान में समस्या आती है।

बैठक में साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा की गई। परियोजना निदेशक ने निर्देश दिया कि जितनी साइकिलें फिट हो चुकी हैं, उन्हें जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जल्द से जल्द वितरित किया जाए। जिन प्रखंडों में अतिरिक्त साइकिल फिटर उपलब्ध हैं, उन्हें अन्य प्रखंडों में भेजा जाए ताकि वितरण प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

 

शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। समीक्षा में पाया गया कि 89 शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन शिक्षकों के वेतन में कटौती का निर्देश दिया गया।

 

बैठक में विद्यालय ग्रांट की राशि के शत-प्रतिशत उपयोग, पोषाक वितरण, डायस में नामांकन, समग्र शिक्षा अभियान और अपार कार्यक्रम के तहत छात्रों को जोड़ने पर भी चर्चा की गई। निर्देश दिया गया कि पोषाक वितरण में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। सीएम स्पेशल स्कॉलरशिप योजना 2024-25 के तहत 7366 छात्रों को डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जानी है, जिसमें अब तक 78% छात्रों को लाभ मिल चुका है। शेष छात्रों को जल्द योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

 

स्कूलों में पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। विद्यालयों के रखरखाव, साफ-सफाई और परिसर में पौधारोपण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया।

 

इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय, बीईईओ, बीपीओ, एपीएम-झारखंड शिक्षा परियोजना, बीआरपी, जेई और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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