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मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की पुण्यतिथि पर आयोजित धरना, तुरी सुंडी ने भारत आदिवासी पार्टी में ली सदस्यता, आदिवासी अधिकारों के लिए किया संघर्ष का आह्वान* 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:चाईबासा में संविधान सभा के सदस्य और आदिवासियों के मसीहा मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर आज भारत आदिवासी पार्टी, प० सिंहभूम-चाईबासा द्वारा एक भव्य धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना और उनके समक्ष आ रही समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करना था।

धरना प्रदर्शन में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी तुरी सुंडी ने अपने समर्थकों के साथ भारत आदिवासी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी समाज के लिए संघर्ष की कड़ी में कदम रखते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अब आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना है और वे इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहेंगे।

 

धरना प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त, प० सिंहभूम-चाईबासा को राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र सौंपा। इस पत्र में झारखंड राज्य में रघुवर सरकार के कार्यकाल में बनाए गए असंवैधानिक भूमि बैंक को रद्द करने, पेसा कानून को आदिवासियों के हित में प्रभावी तरीके से लागू करने, और स्थानीय तथा नियोजन नीति को आदिवासियों के हित में लागू करने की प्रमुख मांगें शामिल थीं।

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी एकता का परिचय देते हुए आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में समर्थन व्यक्त किया। तुरी सुंडी ने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता, और उन्होंने भारत आदिवासी पार्टी के साथ मिलकर इस संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं ने भाग लिया और आदिवासी समाज के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की। यह धरना प्रदर्शन आदिवासी समाज के हक की आवाज को बुलंद करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसे लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एक नई उम्मीद और उत्साह देखने को मिला।

 

भारत आदिवासी पार्टी की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि वे हमेशा आदिवासी समाज के पक्ष में खड़े रहेंगे और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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