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झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:जमशेदपुर में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत कोल्हान प्रमंडल स्तरीय महोत्सव का भव्य आयोजन बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय प्रसाद यादव ने किया। उन्होंने कहा कि झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छोटे स्तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा देना जरूरी है।

उद्योगों के विकास पर जोर

 

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत परियोजना लागत का 35% तक (अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति इकाई) अनुदान दिया जाता है।

इसके अलावा, किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG) और सहकारी समितियों को अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।

कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, झारखंड उद्योग सचिव अरवा राजकमल, सरायकेला-खरसावां उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, झारखंड उद्योग निदेशक शुशांत गौरव, पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त अनन्य मित्तल, उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, एसडीएम धालभूम शताब्दी मजूमदार और डीएम डीआईसी रविशंकर प्रसाद सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदर्शनी में 50 से अधिक इकाइयों ने लिया भाग

 

महोत्सव में कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) से 50 से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इनमें डेयरी प्रसंस्करण, मिलेट्स (रागी), मशरूम, अनाज प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण और बीज उत्पादन से जुड़े उद्यमों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण में उपयोग होने वाले विभिन्न मशीनरी और उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया।

बैंकों को निर्देश: लोन प्रक्रिया में न हो देरी

 

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बैंकों से आग्रह किया कि वे PMFME योजना के तहत आने वाले आवेदनों की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें ताकि छोटे उद्यमियों को समय पर ऋण और अनुदान मिल सके। उन्होंने कहा कि 2024-25 में झारखंड में 1638 PMFME लोन स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 500 से अधिक इकाइयां कोल्हान प्रमंडल में स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड को भारी उद्योगों के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का भी केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार नवोदित उद्यमियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है।

झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने की अपील

 

कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने झारखंडवासियों से आह्वान किया कि वे छोटे स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा दें और झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में झारखंड खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा।

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