Regional

लोहरदगा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की तबाही, गेहूं- सरसों की फसल चौपट

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:लोहरदगा जिले में बीते दो दिनों से लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार शाम 3:00 बजे अचानक तेज गर्जना के साथ भारी बारिश शुरू हुई, जो करीब दो घंटे तक जारी रही और शाम 5 बजे जाकर थमी। इस दौरान सेन्हा प्रखंड सहित कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में तैयार खड़ी रबी फसलें बर्बाद हो गईं। गेहूं की बालियां झड़कर बिखर गईं, जिससे पैदावार पर भारी असर पड़ेगा। सरसों और चना की फसलें तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण जमीन पर बिछ गईं,

जिससे उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। मटर की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वहीं, सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी नुकसान झेलना पड़ा। टमाटर, बैंगन, भिंडी और लौकी की फसलें बारिश और ओलावृष्टि से पूरी तरह खराब हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग ने पहले ही जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया था और तेज बारिश तथा आंधी-तूफान की संभावना जताई थी। हालांकि,

इस बार मौसम का असर उम्मीद से ज्यादा देखने को मिला, जिससे आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर जलभराव हो गया, वहीं तेज आंधी के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रही। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत बेकार कर दी। अब उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। किसान संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी कुछ और दिनों तक रह सकता है, जिससे हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें। इस तरह की अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाएं किसानों के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं होतीं। सरकार और प्रशासन को जल्द से जल्द इस नुकसान का आंकलन कर उचित सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और वे फिर से अपनी खेती को पटरी पर ला सकें।

Related Posts