अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ से भारत के फार्मा और कपड़ा उद्योग को बड़ा लाभ
न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा हाल ही में घोषित रेसिप्रोकल टैरिफ नीति के तहत भारत को कई सेक्टरों में बड़ा फायदा मिल सकता है। अमेरिका ने दुनिया के 180 से अधिक देशों पर टैरिफ लगाए हैं, लेकिन भारत को 26% की रियायती दर पर रखा गया है। इससे भारतीय फार्मास्युटिकल्स, कपड़ा और कृषि उद्योग को अमेरिकी बाजार में मजबूती से पैर जमाने का अवसर मिलेगा।
भारत को क्यों मिल रहा है लाभ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर केवल 26% टैरिफ लगाने का फैसला किया, जबकि चीन, वियतनाम और यूरोपीय संघ पर भारी टैक्स लगाए गए हैं। चीन पर 34%, यूरोपीय संघ पर 20%, दक्षिण कोरिया पर 25% और वियतनाम पर 46% टैरिफ लगाया गया है। इससे भारत के उत्पादों को अमेरिका में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
फार्मास्युटिकल्स सेक्टर को राहत
भारतीय दवा उद्योग के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है कि अमेरिकी टैरिफ नीति के तहत इस सेक्टर को छूट मिली है। इंडियन फार्मास्युटिकल्स अलायंस के सेक्रेटरी जनरल सुदर्शन जैन ने इसे भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि ‘मिशन 500’ के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने की योजना है, जिससे फार्मा उद्योग को और फायदा होगा।
कृषि और कपड़ा उद्योग को भी बढ़त
कृषि विशेषज्ञ अशोक गुलाटी के अनुसार, भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वह कृषि उत्पादों जैसे मछली, चावल और अन्य कृषि निर्यात को अमेरिकी बाजार में बढ़ाए। अन्य देशों पर भारी टैरिफ लगने से भारत को अधिक निर्यात करने का मौका मिलेगा।
वहीं, EY इंडिया के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि टेलिकम्युनिकेशन से लेकर कपड़ा उद्योग तक, भारत के लिए अमेरिका में कारोबार बढ़ाने के जबरदस्त अवसर हैं।
अमेरिकी टैरिफ नीति का वैश्विक प्रभाव
अमेरिका में आयातित सामानों पर 10% का बेसलाइन टैरिफ लगाया जाएगा, जिसका प्रभाव 180 से अधिक देशों पर पड़ेगा। हालांकि, भारत को टैरिफ छूट मिलने से यह भारतीय निर्यातकों के लिए एक सुनहरा अवसर बन सकता है।
भारत को आगे क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अपनी निर्यात नीतियों को मजबूत करना चाहिए और अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत बनाना चाहिए। सरकार को भी व्यापार को सुगम बनाने के लिए नीतिगत सुधारों पर ध्यान देना होगा।
अमेरिका की नई टैरिफ नीति भारत के लिए कई क्षेत्रों में बड़ा अवसर लेकर आई है। विशेष रूप से फार्मास्युटिकल्स, कृषि और कपड़ा उद्योग को इससे सबसे अधिक लाभ होगा। अगर भारत इस अवसर का सही तरीके से उपयोग करता है, तो यह उसकी वैश्विक व्यापार स्थिति को और मजबूत कर सकता है।