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वैश्विक शोध और नवाचार की दिशा में एसीएसआईआर-एनएमएल का 13वां स्थापना दिवस समारोह

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड:जमशेदपुर में सीएसआईआर-एनएमएल (राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला) ने 3 अप्रैल को वैज्ञानिक एवं अभिनव अनुसंधान अकादमी (एसीएसआईआर) का 13वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर एसीएसआईआर-एनएमएल विज्ञान क्लब द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह और प्रमुख वक्ता

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि प्रो. पी.पी. चट्टोपाध्याय (निदेशक, एनएएमआईटी हटिया रांची), डॉ. संदीप घोष चौधरी (निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल), डॉ. के.के. साहू (मुख्य वैज्ञानिक एवं समन्वयक, एसीएसआईआर-एनएमएल) और रोशन कुमार (अध्यक्ष, विज्ञान क्लब, एसीएसआईआर-एनएमएल) ने भाग लिया।

 

सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने अपने स्वागत भाषण में एसीएसआईआर की यात्रा और शोधकर्ताओं के लिए विश्व स्तरीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अनुसंधान प्रयोगशाला और उद्योग के बीच की खाई को पाटने के लिए सीएसआईआर और एसीएसआईआर के बीच सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया।

अनुसंधान और नवाचार पर विचार-विमर्श

 

मुख्य वक्ता प्रो. पी.पी. चट्टोपाध्याय ने इंजीनियरिंग अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने उद्योग और ज्ञान क्षेत्र के एकीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान को व्यावहारिक उत्पादों में परिवर्तित करना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है, जिस पर विचार किया जाना चाहिए।

 

एसीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक एवं समन्वयक डॉ. के.के. साहू ने संस्थान की उपलब्धियों और नामांकित छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एसीएसआईआर के सहयोग पर भी जोर दिया।

 

तकनीकी सत्र और पोस्टर प्रस्तुति

 

कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने शोध कार्यों पर आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए। इसके अलावा, फीडबैक सत्र और पूर्व छात्रों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

 

विज्ञान क्लब के उपाध्यक्ष सुकल्पन नंदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

 

एसीएसआईआर: एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान

 

एसीएसआईआर की स्थापना 2010 में संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी और 3 अप्रैल 2012 को इसे भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया। यह संस्थान वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रहा है।

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