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चाईबासा में वेक्टर बॉर्न डिजीजेज संबंधित मासिक समीक्षात्मक बैठक, स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा* 

 

न्यूज़ लहर संवाददाता

झारखंड: आज पश्चिम सिंहभूम ज़िला स्तरीय एक दिवसीय वेक्टर बॉर्न डिजीजेज (वीबीडी) संबंधित मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन चाईबासा स्थित भीबीडी कार्यालय में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भारती मिंज ने की। बैठक में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भीबीडी प्रभारी, निगरानी निरीक्षक, क्षेत्रीय कार्यकर्ता, और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे वेक्टर बॉर्न रोगों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा, कीट नाशी छिड़काव, फीवर सर्वे, आईएचआईपी पोर्टल पर एंट्री और माइक्रोप्लान से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान डॉ. मिंज ने विशेष रूप से इन बीमारियों से निपटने के लिए जारी किए गए निर्देशों की जानकारी दी और जिला भर में इन कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन की दिशा में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता जताई।

 

डॉ. मिंज ने बताया कि 15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक मलेरिया प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर बुखार पीड़ित लोगों का पारा चेक करके उनकी जांच की जाएगी। मलेरिया धनात्मक रोगियों की पहचान होते ही उनका तत्काल इलाज किया जाएगा और संबंधित स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम, सीएचओ तथा एमपीडब्ल्यू द्वारा इन रोगियों का फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही सतत निगरानी कार्यों को गति दी जाएगी ताकि मलेरिया के मामलों को नियंत्रित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, डॉ. मिंज ने यह भी बताया कि 15 मई से जिला अंतर्गत सभी मलेरिया प्रभावित प्रखंडों में घर-घर प्रशिक्षित छिड़काव कर्मियों द्वारा अल्फेसिफ्लुथरीन रसायन से इनडोर रिसुड्यूल स्प्रे (कीटनाशक छिड़काव) किया जाएगा। इस अभियान के लिए ग्रामवार कार्य योजना तैयार कर ली गई है, और इस माह के अंत तक सभी छिड़काव कर्मियों को प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। कुल 90 दिन तक चलने वाले इस छिड़काव कार्य के दौरान, संबंधित क्षेत्र के एएनएम, सीएचओ, एमपीडब्ल्यू, सहिया साथी, बीटीटी द्वारा दैनिक निगरानी की जाएगी ताकि क्षेत्र के निवासी मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रह सकें।

 

डॉ. मिंज ने यह भी कहा कि इन सभी कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर पीआरआई सदस्य, मुखिया, मुंडा, शिक्षक और आंगनवाड़ी सेविकाओं का पूरा सहयोग लिया जाएगा। उनका सक्रिय योगदान इन स्वास्थ्य पहलों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण होगा।

 

बैठक में सभी 15 प्रखंड के भीबीडी प्रभारी, निगरानी निरीक्षक, क्षेत्रीय कार्यकर्ता, भीबीडी तकनीकी पर्यवेक्षक और शशि भूषण महतो, अहसन फारूक, विकास कुमार, मनीष कुमार, तथा पीरामल के सुजीत गोयल आदि भी उपस्थित थे। सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए दिशा-निर्देश दिए गए और आगामी कार्यों के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की गई।

 

यह बैठक वेक्टर बॉर्न डिजीजेज से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि इन बीमारियों से बचाव के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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