एक्सएलआरआइ में वर्किंग प्रोफेशनल्स का 23वां दीक्षांत समारोह, फिरदौस वंद्रेवाला ने दिए सफलता के मंत्र

न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड : भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक एक्सएलआरआइ – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने शनिवार को वर्चुअल इंटरएक्टिव लर्निंग (वीआइएल) और कॉरपोरेट प्रोग्राम्स के लिए 23वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। टाटा ऑडिटोरियम में हुए इस समारोह में 314 वर्किंग प्रोफेशनलों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम में “द फर्म” के संस्थापक चेयरमैन और मैनेजिंग पार्टनर फिरदौस वंद्रेवाला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वे टाटा पावर के पूर्व एमडी भी रह चुके हैं। एक्सएलआरआइ ने इस समारोह के माध्यम से उत्तरदायी और भविष्य के लिए सक्षम बिजनेस लीडर्स तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्य अतिथि फिरदौस वंद्रेवाला ने अपने संबोधन में कहा कि जमशेदपुर से उनका गहरा नाता रहा है। वे एक्सएलआरआइ के छात्र रहने के साथ-साथ शिक्षक भी रह चुके हैं। उन्होंने जीवन के 10 महत्वपूर्ण मंत्र साझा किए, जिसमें कार्य
और जीवन में संतुलन बनाए रखने, ज्ञान को असली पूंजी मानने, कौशल और नेटवर्क पर ध्यान देने, समस्याओं को समग्र दृष्टिकोण से देखने, विशेषज्ञता विकसित करने, नवाचार अपनाने, खुशी की खोज करने और कभी हार न मानने की जिद को आत्मसात करने की बात कही।
इससे पूर्व, एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के डायरेक्टर फादर सेबास्टियन जॉर्ज ने अपने संबोधन में समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और स्नातकों से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने हेतु अपनी शिक्षा और क्षमताओं का सदुपयोग करने की अपील की। डीन एडमिन फादर डोनाल्ड ने फिरदौस वंद्रेवाला को प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके कॉर्पोरेट व शैक्षणिक योगदान की सराहना की। समारोह में वीआइएल और कॉरपोरेट प्रोग्राम्स के डीन डॉ. मनोज थॉमस समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न कार्यक्रमों से स्नातक हुए छात्रों में पीजीसीबीएम बैच 42, पीजीसीएचआरएम बैच 34, पीजीसीएचआरएम (एक्सेंचर) बैच 8, पीजीसीजीएम बैच 2, ईडीएचआरएम बैच 18 और ईडीएबीएस बैच 1 के छात्र शामिल थे।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्वर्ण पदक विजेताओं में ईडीएचआरएम से तान्या मल्होत्रा, पीजीसीएचआरएम (एक्सेंचर) से वंशिका गुप्ता, पीजीसीजीएम (पीडब्ल्यूसी) से पूजा चटर्जी, पीजीसीबीएम से शशांक शेखर, पीजीसीएचआरएम से प्राची पैन्यूली और ईडीएबीएस से विंध्याराजेन्द्रन को सम्मानित किया गया।