हटिया रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी की कोशिश नाकाम, आरपीएफ ने चार नाबालिगों को बचाया, एक तस्कर गिरफ्तार

रांची:मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन “AAHT” (ऑपरेशन अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के तहत हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग लड़कियों को सकुशल मुक्त कराया और एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया। यह अभियान कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर रांची मंडल की आरपीएफ, सीआईबी शाखा तथा एएचटीयू टीम के संयुक्त प्रयास से संचालित किया गया।
आरपीएफ की टीम ने हटिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर जांच के दौरान चार लड़कियों के साथ मौजूद एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पाया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी राम भरोसे पासवान उर्फ अमर पासवान, दो नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने के बहाने बेंगलुरु ले जाने की योजना बना रहा था। वह कपड़ा कंपनी में नौकरी और 22,000 रुपये मासिक वेतन का लालच देकर लड़कियों को बहला-फुसला रहा था। इतना ही नहीं, यात्रा और भोजन का खर्च कथित कंपनी द्वारा वहन किया जाना था और आरोपी को हर लड़की के बदले कमीशन मिलता था।
मौके से आरपीएफ ने आरोपी का मोबाइल फोन, रेलवे टिकट और आधार कार्ड की फोटोकॉपी बरामद की। आरपीएफ ने तत्परता दिखाते हुए चारों लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया और आरोपी को हिरासत में लेकर आरपीएफ पोस्ट हटिया लाया। प्राथमिक पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद आरोपी को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), रांची के हवाले कर दिया गया। वहीं, दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षा और देखभाल के लिए प्रीमाश्रय, रांची भेजा गया।
इस अभियान में आरपीएफ के अधिकारी व कर्मी— आईपीएफ एस.आर. कुजुर, एसआई सूरज रजबंशी, एसआई सुनीता तिर्की, सुचीता टोप्पो, सुभलक्ष्मी स्वाईं, सोनू कुमावत, सी. कच्छप और अरविंद कुमार ने सराहनीय भूमिका निभाई।
आरपीएफ द्वारा की गई इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रेलवे परिसर में मानव तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों पर उनकी पैनी नजर बनी हुई है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है।