गुवा की श्रमिक यूनियनों का बायोमेट्रिक अटेंडेंस के खिलाफ मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी

गुवा। पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित गुवा खदान क्षेत्र में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने की योजना के खिलाफ श्रमिक संगठनों में तीव्र आक्रोश है। गुवा वर्कर्समैन क्लब में आयोजित संयुक्त बैठक में विभिन्न यूनियनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि अगर सेल प्रबंधन ने जबरन इसे लागू किया, तो मजदूर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
शुक्रवार को गुवा वर्कर्समैन क्लब में गुवा क्षेत्र के सभी प्रमुख श्रमिक संगठनों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, झारखंड मजदूर यूनियन, हिन्द मजदूर सभा (क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ), इंटक, सप्लाई मजदूर संघ, सारंडा मजदूर यूनियन और गुवा चिरिया खान श्रमिक संघ (बीएमएस) सहित कई यूनियनों के नेता शामिल हुए। बैठक में यूनियनों ने सेल प्रबंधन द्वारा गुवा खदान में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू किए जाने के प्रयास का विरोध किया।
बैठक में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के महामंत्री अंतर्यामी महाकुड ने कहा कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में प्रबंधन द्वारा इस व्यवस्था को जबरन लागू करना श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा, “बायोमेट्रिक अटेंडेंस या उत्पादन – दोनों एक साथ संभव नहीं। यदि प्रबंधन मजदूरों पर दबाव डालेगा, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी।”
झारखंड मजदूर यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने कहा कि गुवा की सभी यूनियनें इस मुद्दे पर एकजुट हैं और किसी भी प्रकार की साजिश या समझौते को स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन की नीयत श्रमिक विरोधी है और यह योजना श्रमिकों को गुमराह करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
इसी तरह, बीएमएस के गणेश दास ने कहा कि जब मजदूर अब भी पीने के पानी, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, तब प्रबंधन को अटेंडेंस के नए नियम थोपने की बजाय मजदूर हितों पर ध्यान देना चाहिए। इंटक के रमेश गोप ने भी कहा कि भ्रम फैलाने वाले सर्कुलर जारी कर मजदूरों में जानबूझकर असमंजस और अशांति फैलाई जा रही है।
बैठक में सामूहिक निर्णय लिया गया कि अगर बायोमेट्रिक अटेंडेंस जबरन लागू करने की कोशिश की गई, तो सभी यूनियनें एक साथ मिलकर तीव्र आंदोलन छेड़ेंगी।