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उपायुक्त की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की समयसीमा पर सख्त समीक्षा, विलंब पर जवाबदेही तय

 

जमशेदपुर। शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, एमपी और एमएलए लैड से संबंधित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कई योजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी नहीं हो पाई हैं, जिसपर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि योजनाओं की स्वीकृति के समय उचित समय सीमा का आकलन कर तिथि तय की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी योजना में अनावश्यक देरी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्य में शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, समय पर कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी अभियंत्रण विभागों की होगी और देरी की स्थिति में कार्यपालक अभियंता नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला योजना अनाबद्ध निधि से 78 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 76 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 2 अपूर्ण हैं। वहीं, नीति आयोग, डीएमएफटी, एमपी और एमएलए लैड के अंतर्गत चल रही योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई। डीएमएफटी मद से स्वीकृत 421 योजनाओं में से 324 पूरी हो चुकी हैं और 90 अपूर्ण हैं। एमपी लैड से स्वीकृत 131 योजनाओं में से 102 पूरी हो चुकी हैं।

उपायुक्त ने सभी कार्यदायी विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं को समय पर पूर्ण करें और जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित योजनाओं को प्राथमिकता दें। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग और अन्य विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।

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