अवैध रेलवे टिकट कारोबार का भंडाफोड़, आरपीएफ-सीआईबी की संयुक्त कार्रवाई में युवक गिरफ्तार

रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सीआईबी की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन “उपलब्ध” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बरवाडग-जोंहा स्थित एक साइबर कैफ़े से अवैध रेलवे टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो अधिकृत एजेंट न होते हुए भी ऊंचे दाम पर यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराता था।
कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट मूरी, सीआईबी/रांची की टीम और स्थानीय थाना अंगारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में “स्टूडेंट साइबर कैफ़े” (झारखंड ग्रामीण बैंक के पास) पर छापेमारी की गई। इस दौरान 23 वर्षीय उमेश आहिर, पिता अभिराम आहिर, निवासी पहारसिंह, थाना अंगारा, जिला रांची की कंप्यूटर प्रणाली की जांच की गई। जांच में उसकी निजी आईडी से एक जीवित रेलवे ई-टिकट तथा तीन पुराने प्रयुक्त ई-टिकट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत ₹10,700 थी।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह किराये पर साइबर कैफ़े चला रहा था, अधिकृत आईआरसीटीसी एजेंट नहीं है और यात्रियों से अधिक राशि लेकर अवैध रूप से टिकट उपलब्ध कराता था। मौके पर एसआई रवि शंकर ने टिकटों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर, की-बोर्ड, माउस) जब्त किए। स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में जप्ती की औपचारिकताएँ पूरी की गईं और आरोपी उमेश आहिर को रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत अपराध मानते हुए धारा 179(2) के अंतर्गत गिरफ्तार कर आरजेजेएम न्यायालय, रांची में प्रस्तुत किया गया।
इस अभियान में उपनिरीक्षक बसंता मलिक, उपनिरीक्षक रवि शंकर, एचसी एम.एस. मुंडा और संजय कुशवाहा (सीआईबी/रांची) की उल्लेखनीय भूमिका रही।