सेवा की मिसाल: आठ वर्षीय आदिवासी बच्ची का नि:शुल्क ऑपरेशन कर बचाई गई जान
चाईबासा: गरीबों की मदद और सेवा की एक मिसाल पेश करते हुए रांची के डॉक्टर अनुज कुमार ने आठ वर्षीय आदिवासी बच्ची सावित्री का नि:शुल्क ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली। चाईबासा से सटे गुटूसाई गांव की रहने वाली सावित्री के माथे के बाएं हिस्से में गंभीर सूजन थी, जो लगातार बढ़ती जा रही थी।
रेजा मजदूरी करने वाले माता-पिता के पास न तो इलाज के पैसे थे और न ही आधार कार्ड, राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेज। इलाज की सारी उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता नेहा निषाद के माध्यम से जब यह मामला डॉक्टर अनुज कुमार के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बच्ची को अपने क्लिनिक बुलाकर सीटी स्कैन कराया और गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन किया।
डॉक्टर अनुज और उनकी टीम ने माथे पर जमी मलबे को सफलतापूर्वक निकाल दिया और बच्ची को ज़रूरी दवाइयाँ भी दीं। खास बात यह रही कि उन्होंने न तो किसी दस्तावेज की मांग की, न ही एक भी पैसा लिया।
आज सावित्री पूरी तरह सुरक्षित अपने घर लौट आई है। बच्ची के माता-पिता और गांव वालों ने डॉक्टर अनुज का आभार जताया और कहा कि उन्होंने इंसानियत की सच्ची मिसाल पेश की है।