कतर ने भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को किया रिहा, मिली थी मौत की सजा, वतन लौटे जवान

न्यूज़ लहर संवाददाता
नई दिल्ली: कतर की जेल से रिहा हुए भारतीय नौसेना के पूर्व जवानों का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 7 जवान 10 फरवरी को भारत पहुंचे, जबकि एक जवान 11 फरवरी को सुबह लौटा।
वतन वापसी पर भावुक होकर जवानों ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की। बताया जा रहा है कि कतर से लौट पूर्व नौसैनिकों ने अपनी सरजमीं पर वापसी करते ही भारत माता की जय के नारे लगाए। भारत लौटे नौसेना के अधिकारी ने अपनी वापसी पर कहा कि पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना हमारा फिर से वापस लौटना संभव नहीं था।भारत सरकार ने लगातार हमारी रिहाई के लिए लगातार प्रयास किए थे।
विदेश मंत्रालय का बयान:
भारतीय नागरिकों के कतर से रिहा होकर भारत आने पर स्वागत किया गया। भारत कतर के फैसले का प्रशंसक है कि वहां की सरकार ने भारत सरकार का आग्रह स्वीकार किया। यह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है।
मामले की जानकारी:
गिरफ्तारी: अक्टूबर 2022
आरोप: कतर के पनडुब्बी प्रोजेक्ट की जासूसी
मौत की सजा: 26 अक्टूबर 2023
उम्रकैद: 2023 में
रिहाई: 2024
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका:
परिवारों से मुलाकात
कतर के अमीर से मुलाकात
कूटनीतिक प्रयास
रिहा हुए जवानों के नाम:
कैप्टन नवतेज सिंह गिल
कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा
कैप्टन सौरभ वशिष्ठ
कमांडर अमित नागपाल
कमांडर पूर्णेंदु तिवारी
कमांडर सुगुनाकर पकाला
कमांडर संजीव गुप्ता
नाविक ।