बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के बीच कंगना रनौत का बड़ा बयान

बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा
नई दिल्ली:बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद से इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। हालिया हमलों में एक शिक्षक सहित दो लोगों की मौत हो गई है और 45 लोग घायल हुए हैं। कट्टरपंथी तत्वों ने मंदिरों को भी निशाना बनाया है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
कंगना रनौत का बयान
इस संकट के बीच, बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“शांति कोई हवा या सूरज की रोशनी नहीं है जिसके बारे में आप सोचते हैं कि यह आपका जन्मसिद्ध अधिकार है और यह आपको मुफ्त में मिलेगी। महाभारत हो या रामायण, दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी लड़ाई शांति के लिए लड़ी गई है। अपनी तलवारें उठाएं और हर युद्ध शैली का अभ्यास करें। अगर ज्यादा नहीं तो हर दिन आत्मरक्षा के लिए 10 मिनट का समय दें। विश्वास में समर्पण करना प्रेम है परन्तु भय में समर्पण करना कायरता है। इजराइल की तरह अब हम भी चरमपंथियों से घिर गए हैं। हमें अपने लोगों और अपनी भूमि की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।”
कंगना का यह बयान उनके विचारों को स्पष्ट करता है कि आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए तैयार रहना आवश्यक है, खासकर जब अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है और बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपील की है।
नव-निर्वाचित बांग्लादेश सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने भी लोकतंत्र, न्याय, मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को फिर से स्थापित करने की बात कही है। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि नई सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।
निष्कर्ष
बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और कंगना रनौत का बयान इस बात का संकेत है कि सुरक्षा और आत्मरक्षा के मुद्दे पर चर्चा आवश्यक है। इस समय, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, और सभी की नजरें नई सरकार की कार्रवाई पर हैं।