दुमका की माटी से बांग्लादेशी घुसपैठियों के ख़िलाफ “हूल” का आगाज
न्यूज़ लहर संवाददाता
झारखंड। आज दुमका केन्द्रीय कारा से एक बंग्लादेशी घूसपैठिया (नजमूल हवलदार) को रिहा किए जाने के विरोध में “आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा” की अगुवाई में संथाल आदिवासी समाज के लोगों ने जबरदस्त आक्रोश रैली सह धरना प्रदर्शन का आयोजन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत आउटडोर स्टेडियम से हुई जहां दिहरी थान समिति के अध्यक्ष श्री वकील सोरेन के अगुवाई में आखड़ा के लोगों द्वारा “जाहेर डार एवं महुआ डार” गाड़ कर पारंपरिक तरीके से विधिवत् पूजा-अर्चना की गई एवं कार्यक्रम के शांतिपूर्ण तथा सफल होने के लिए माराङ बुरू, जाहेर गोगो, गोसाईं गोगो से नेहोर बिनती की गई।
फिर जुलूस के शक्ल में सभी लोग नारे बाजी करते हुए कतारबद्ध होकर डीसी चौक होते हुए बाबा तिलका मांझी चौक, टिन बाजार चौक से होते हुए वीर सिदो कान्हु मुर्मू चौक (पोखरा) पहुंचे।
वहां पर आखड़ा के जामताड़ा जिला अध्यक्ष श्री जगदीश मुर्मू के अगुवाई में वीर सिदो कान्हू मुर्मू की आदमकद मूर्ति को दूध से नहलाया गया और अगरबत्ती-धूप देकर पूजा अर्चना की गई। उसके बाद वहाँ सरकार एवं प्रशासन से बांग्लादेशी घुसपैठिये को वीर सिदो-कान्हू की धरती पर पैर नहीं रखने देने की माँग करते हुए गगनभेदी नारे लगाए गए।
नारेबाजी के क्रम में “बांग्लादेशी घुसपैठियों को संथालों का घरजमाई बनने से बाज आने अन्यथा अंजाम भुगतने” जैसे नारों से माहौल पूरा गर्म हो गया।
इस अवसर पर आदिवासी सांवता सुशार आखड़ा के संताल परगाना संयोजक चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि सरकार एवं प्रशासन की शह पाकर बांग्लादेशी घुसपैठिये अब संथाल समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुके हैं। इसलिए अब समाज के नौजवानों ने अपने ईष्ट देव माराङ बुरू का दिया हुआ “तीर -धनुष” को दोबारा से अपने कंधों पर ऊठा लिया है।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों की जमीनें लूटने तथा समाज की बहु-बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ करने का प्रयास करने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों का संथाल पारगाना में सेंदरा किया जाएगा। बहुत हो चुका अन्याय, अत्याचार, जमीन लूट के षड्यंत्र अब बांग्लादेशी घुसपैठियों को बहुत भारी पड़ने वाला है।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द ही झारखंड सहित असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा एवं अन्य प्रदेशों में रहने वाले आदिवासी संतालो का राष्ट्रीय महासम्मेलन बुलाया जाएगा। इस महासम्मेलन में गैर आदिवासियों से शादी कर पंचायत मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद, एम एल ए, एमपी रिजर्व कोटा से लड़ने वालों को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया जाएगा।
आज के आक्रोश रैली सह धरना प्रदर्शन में जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा, देवघर एवं दुमका जिले से आदिवासी समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित रहे, जिसमें मनोज कुमार हेंब्रम, कोरनेलियुस मुर्म, नेल्सन सोरेन सोमनाथ किस्क, उमेश हांसदा, एनोस सोरेन, प्रदीप मुर्मू आदि शामिल थे।