झारखंड में सवर्ण आयोग की मांग तेज़, सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रांची: झारखंड में सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने बड़ा कदम उठाया है। संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रीय अध्यक्ष धनुर्धर त्रिपाठी के नेतृत्व में गुरुवार को राजभवन पहुंचा और राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी सवर्ण आयोग की स्थापना की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सवर्ण समाज की राजनीतिक और सामाजिक उपेक्षा का मुद्दा उठाया और आयोग की स्थापना को समय की आवश्यकता बताया। इस पर महामहिम राज्यपाल ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिपाठी ने कहा, “आज सवर्ण समाज न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि संस्थागत दृष्टिकोण से भी असुरक्षित महसूस कर रहा है। देश में अन्य वर्गों जैसे ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों के लिए आयोग और मंच हैं, जो उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। लेकिन सवर्ण समाज को इससे वंचित रखा गया है।”
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने सवर्ण समाज को योजनाबद्ध तरीके से मंच और मोर्चा से दूर रखा है, जबकि इस वर्ग का राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है। “एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी समाज को हाशिये पर रखना उचित नहीं है। सवर्ण समाज को भी समान राजनीतिक और संस्थागत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए,” त्रिपाठी ने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” तभी सार्थक हो पाएगा जब सवर्ण समाज को भी उचित हिस्सेदारी और सुरक्षा मिलेगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष धनुर्धर त्रिपाठी के अलावा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बिरेंद्र सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती अनिशा सिन्हा, संगठन प्रभारी प्रमोद कुमार मिश्रा, प्रदेश महासचिव रविशंकर तिवारी और शशि रंजन सिन्हा शामिल रहे।
संगठन ने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए योग्यता आधारित समान अवसर सुनिश्चित करने हेतु सवर्ण आयोग का गठन आवश्यक है, ताकि सभी वर्गों को समान रूप से देश के विकास में भागीदारी मिल सके।