Regional

बच्चे भगवान का रूप होते हैं–कर्ण सिंह आर्य

NEWS LAHAR REPORTER

गुवा

डीएवी पब्लिक स्कूल चिड़िया के वरीय हिन्दी शिक्षक कर्ण सिंह आर्य ने साक्षात्कार में बताया कि वे डीएवी संस्था में 31 वर्षो की सेवारत थे। उन्होंने बताया कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं। विद्यालय पूजा का मंदिर होता है। राष्ट्र एवं समाज के लिए समर्पित शिक्षक स्कूल में सेवा का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में वे हरियाणा राज्य के महेन्द्रगढ़ जिला अन्तर्गतडीएवी पब्लिक स्कूल कनिना में जुलाई 1994 से अप्रैल 2017 तक सेवारत रहे। इसके बाद 3 अप्रैल 2017 से निरन्तर 2025 तक पश्चिम सिंहभूम के मनोहरपुर अन्तर्गत सेल संबद्ध डीएवी चिड़िया में कार्यरत रहे ।

डीएवी सीएमसी नई दिल्ली के मास्टर ट्रेनर की उपाधि के उपरांत उन्होंने झारखण्ड जोन एल अन्तर्गत चाईबासा, एनआईटी, जमशेदपुर, कथारा ,भंडारीदह व अन्य झारखण्ड के स्कूलों के लगने वाले कार्यशाला में अपनी सहभागिता दिखा शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।मीडिल क्लास तक के बहुत सारे शिक्षकों को बेहतर अध्यापन के लिए प्रेरित किया ।इनके अध्यापन से स्कूल एवं बच्चों का परीक्षा परिणाम सदैव बेहतर रहा । उन्होंने बताया कि उनके अध्यापन के कारण 2022 कक्षा दशम बोर्ड के डीएवी चिड़िया के परीक्षार्थियों ने 99 प्रतिशत का परीक्षा परिणाम दे क्षेत्र का नाम रौशन किया था।
वे डीएवी चिड़िया के प्राचार्य शिव नारायण सिहं के साथ एक वर्ष एवं डीएवी चिड़ियापूर्व प्राचार्य संजय कुमार झा के साथ ग्यारह साल तक सेवारत रह चुके हैं।

Related Posts