News Lahar Reporter
जमशेदपुर : युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में गैंगस्टर कन्हैया सिंह की गिरफ्तारी के बाद नया मोड़ आने की संभावना है। चांडिल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस हत्याकांड से उसका कोई संबंध है या नहीं। साथ ही, मामले में साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
निखार सबलोक एनएच-33 के किनारे होटल परियोजना शुरू करने की तैयारी में थे। शुरुआती जांच में जमीन विवाद को उनकी हत्या की संभावित वजह माना गया था। हालांकि, पुलिस ने कारोबारी रंजिश और आपराधिक गिरोहों से संभावित संबंधों समेत अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा था।
कई राज्यों में हुई थी छापेमारी
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले की पुलिस की संयुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। जांच के दौरान झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया। पूर्व में इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके अलावा, हत्या में इस्तेमाल किए जाने के संदेह वाले वाहन और हथियारों की बरामदगी की जानकारी सामने आई थी। बाद में अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई थी।
कन्हैया सिंह से पूछताछ पर टिकी नजरें
अब कन्हैया सिंह से पूछताछ के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि पूछताछ में मिलने वाली जानकारी से हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
कन्हैया सिंह को दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह का सहयोगी बताया जाता है। हालांकि, निखार सबलोक हत्याकांड में उसकी कथित भूमिका को लेकर पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में उसे हत्याकांड का मुख्य आरोपी या साजिशकर्ता बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।
पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही इस मामले में कन्हैया सिंह की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
