NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर, 5 अक्टूबर 2026: लौहनगरी जमशेदपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले मानगो पुल पर आज एक बार फिर गाड़ियों के पहिये पूरी तरह थम गए। साकची से मानगो और डिमना रोड को जोड़ने वाले इस बेहद व्यस्त रूट पर सोमवार की सुबह से ही किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, एंबुलेंस में फंसे मरीज, और स्कूली बच्चे इस उमस भरी गर्मी में घंटों रेंगने को मजबूर रहे।
प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे दावों और ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लेकिन इस बार ग्राउंड जीरो से उठ रही आवाजें कुछ और ही बयां कर रही हैं। स्थानीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स और जागरूक नागरिकों ने तीखा सवाल उठाया है: “मानगो पुल जाम के पीछे आम लोगों का सिविक सेंस कितना जिम्मेदार है?”
🚨 ग्राउंड रिपोर्ट: जाम को ‘महाजाम’ बनाती हैं हमारी ये 3 आदतें
न्यूज पोर्टल की पड़ताल और ट्रैफिक पुलिस के इनपुट्स के अनुसार, जाम के मुख्य कारणों में इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा लोगों का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार सामने आया है:
रॉन्ग साइड ड्राइविंग की सनक: मानगो गोलचक्कर और पुल के मुहाने पर जैसे ही गाड़ियां धीमी होती हैं, दर्जनों दोपहिया और ऑटो चालक महज कुछ मिनट बचाने के लिए गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी दौड़ा देते हैं। इसके चलते सामने से आ रहा ट्रैफिक पूरी तरह लॉक हो जाता है।
सड़क को ऑटो स्टैंड समझना: ऑटो चालकों द्वारा सवारियां उतारने और चढ़ाने के लिए पुल के ठीक एंट्री प्वाइंट पर ही अचानक ब्रेक मार दिए जाते हैं। बिना किसी लेन अनुशासन के बेतरतीब ढंग से गाड़ियों को रोकना पीछे आ रहे सैकड़ों वाहनों के लिए ब्रेक लगा देता है।
लेन अनुशासन की धज्जियां उड़ाना: तीन लेन की क्षमता वाले इस पुल पर जब चार से पांच कतारें बना दी जाती हैं, तो पूरा मार्ग एक संकरे गले (Bottleneck) में तब्दील हो जाता है।
🏗️ पृष्ठभूमि: हालिया तनाव और फ्लाईओवर निर्माण का दबाव
मानगो की भौगोलिक और वर्तमान स्थिति भी इस आग में घी का काम कर रही है:
- फ्लाईओवर निर्माण कार्य: स्वर्णरेखा नदी के ऊपर बन रहे मानगो फ्लाईओवर का काम अपने अंतिम चरण में है, जिसके चलते सड़क का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही संकरा (Narrowed) हो चुका है।
- शनिवार-रविवार का आक्रोश: गौरतलब है कि 3 और 4 अक्टूबर को जतिय स्नान के दौरान नदी में एक बच्ची के डूबने की दुखद घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मानगो पुल को कई घंटों तक पूरी तरह से ब्लॉक रखा था। पुलिस द्वारा काफी मशक्कत के बाद देर रात रास्ता साफ कराया गया था, जिसका असर आज के संचित ट्रैफिक पर भी देखा जा रहा है।
💬 जनता के नाम संदेश: जब तक हम नहीं सुधरेंगे, जाम नहीं बदलेगा
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारी से गाड़ी नहीं चलाएगा, तब तक दुनिया का कोई भी प्रशासनिक ढांचा मानगो को जाम से मुक्ति नहीं दिला सकता। ट्रैफिक नियमों का पालन करना किसी प्रशासनिक मजबूरी से ज्यादा, हमारी खुद की नागरिक जिम्मेदारी (Civic Duty) है।