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नीमडीह CHC के लैब टेक्नीशियन पर पैसे लेने, जांच नहीं करने की धमकी देने का आरोप; पति ने थाना प्रभारी से की कार्रवाई की मांग
चांडिल, 6 अक्टूबर 2026। नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात एक लैब टेक्नीशियन पर गर्भवती महिला की रक्त जांच के एवज में कथित तौर पर 500 रुपये लेने और रुपये नहीं देने पर जांच नहीं करने तथा गर्भस्थ शिशु को नुकसान होने की बात कहकर डराने-धमकाने का आरोप लगा है। मामले को लेकर बाइदा निवासी सिमन्त सिंह ने 5 अक्टूबर को नीमडीह थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 24 जून 2026 को वह अपनी गर्भवती पत्नी नूनी बाला सिंह की रक्त जांच कराने के लिए नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। इसी दौरान CHC में तैनात लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम से उनकी पत्नी की रक्त जांच कराने की बात हुई।
सिमन्त सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रक्त जांच के बदले लैब टेक्नीशियन ने उनसे 500 रुपये की मांग की और कथित तौर पर राशि ले ली। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि रुपये नहीं देने पर जांच नहीं करने तथा गर्भस्थ बच्चे को नुकसान होने की बात कहकर उन्हें भयभीत किया गया।
गर्भवती महिला की जांच के नाम पर कथित रूप से पैसे लिए जाने और डराने-धमकाने के आरोप के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुराने भवन में CHC संचालन के दौरान की घटना
मामले को लेकर चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से बताया गया कि शिकायत में जिस घटना का उल्लेख किया गया है, वह उस समय की है जब नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन पुराने भवन में किया जा रहा था। घटना से संबंधित शिकायत अब सामने आने के बाद मामले की जानकारी ली जा रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में होने वाली जांच और मरीजों से संबंधित सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत गंभीर विषय मानी जा रही है। खासकर गर्भवती महिला की जांच के नाम पर राशि लिए जाने के आरोप ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत दी गई है और मामले में जांच की मांग की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच में संबंधित लोगों से पूछताछ, घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मामले की वास्तविकता सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है। लैब टेक्नीशियन पर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गर्भवती महिला से जुड़ा मामला होने के कारण स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है।

