जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित कैरव अपहरण कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अंतरराज्यीय अपहरण गिरोह के पांच और सदस्यों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले इसी गिरोह के छह बदमाशों को जेल भेजा जा चुका है। इस तरह अब तक कुल 11 अपहरणकर्ता पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
इस सनसनीखेज मामले में अपहृत युवक कैरव गांधी को पुलिस पहले ही सकुशल बरामद कर चुकी है। एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि 13 जनवरी को सीएच एरिया निवासी 24 वर्षीय कैरव गांधी का अज्ञात अपराधियों ने अपहरण कर लिया था। सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस ने अपहरणकर्ताओं पर दबाव बढ़ाया तो बदमाशों ने 26 जनवरी की रात कैरव गांधी को हजारीबाग जिले के चौपारण और बरही के बीच जीटी रोड पर छोड़ दिया और फरार हो गए।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाकर छह आरोपियों गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया था। इन्हें 30 जनवरी को जेल भेज दिया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि इस अपहरण की साजिश लुधियाना के एक फरार अपराधी ने अपने सहयोगी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह के साथ मिलकर रची थी। दोनों लगभग छह महीने पहले जमशेदपुर आए थे और साकची क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर कैरव गांधी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे थे। साजिश के तहत गिरोह के सदस्यों ने एक-दूसरे की पहचान छिपाकर रखी थी ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके।
अपहरण के दिन बदमाश पुलिस की वर्दी में घटनास्थल पर पहुंचे थे। कैरव गांधी को स्कॉर्पियो वाहन से चांडिल गोलचक्कर ले जाया गया, जहां से उसे दूसरे वाहन में शिफ्ट कर रांची होते हुए डोभी और फिर गया जिले के बिसर गांव में बंधक बनाकर रखा गया। वारदात के बाद आरोपी पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार में छिपते रहे।
अंतरराज्यीय नेटवर्क को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) के नेतृत्व में कई विशेष छापेमारी टीमें बनाई गईं। समन्वित कार्रवाई के तहत पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार से पांच अन्य अभियुक्तों मनप्रीत सिंह सेखों, राजकरण यादव, गुरदीत शेर सिंह, अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह और संतोष कुमार उर्फ संतोष विलेन को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संतोष कुमार, गुरदीत शेर सिंह और अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। संगठित गिरोह की अन्य कड़ियों को भी जल्द उजागर किया जाएगा।
यह मामला झारखंड में संगठित अपराध और अंतरराज्यीय अपहरण गिरोहों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

