NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में तीन बाघ शावकों के जन्म से चिड़ियाघर में खुशी का माहौल है। 23 सितंबर 2026 की सुबह बाघिन सुनैना ने दो मादा और एक नर शावक को जन्म दिया। चिड़ियाघर प्रबंधन ने अब इन तीनों शावकों के नाम रखने के लिए शहर के लोगों से सुझाव मांगे हैं। नाम चयन प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
इन शावकों के पिता रुद्र हैं, जिन्हें नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क लाया गया था। पशु चिकित्सा से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत शुरुआती दिनों में शावकों की निगरानी और देखभाल करने के बाद उनके जन्म की जानकारी सार्वजनिक की गई है।
एक शावकी को लगी थी चोट, पशु चिकित्सकों की निगरानी में इलाज
पहली बार मां बनी सुनैना से अनजाने में एक मादा शावकी को चोट लग गई थी। इसके बाद चिड़ियाघर की पशु चिकित्सा टीम ने तत्काल उपचार करते हुए उसके घाव पर टांके लगाए। फिलहाल शावकी की स्थिति में सुधार है और उसका वजन लगभग 1.8 किलोग्राम हो गया है। उसे तत्काल खतरे से बाहर बताया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर चिकित्सक उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अन्य दोनों शावकों की स्थिति भी अच्छी है। नर शावक का वजन करीब 2.9 किलोग्राम, जबकि दूसरी मादा शावकी का वजन लगभग 2.53 किलोग्राम है।
तीनों शावकों के स्वास्थ्य और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पशु चिकित्सकों की देखरेख के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी उनकी निगरानी की जा रही है। चिड़ियाघर प्रबंधन ने उनकी सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं।
तीनों शावकों के नाम सुझा सकेंगे शहरवासी
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने लोगों को इस खुशी से जोड़ने के लिए नामकरण प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें भाग लेने वाले लोगों को तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम सुझाना होगा। इच्छुक नागरिक व्हाट्सऐप या संदेश के माध्यम से अपने सुझाव मोबाइल नंबर +91 9438291637 पर भेज सकते हैं।
चिड़ियाघर की ओर से गठित समिति प्राप्त सुझावों में से तीन सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन करेगी। चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ चिड़ियाघर में निःशुल्क प्रवेश पास और स्मृति चिह्न दिया जाएगा।
नाम सुझाने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2026 है। इस पहल के जरिए चिड़ियाघर प्रबंधन ने शहरवासियों को वन्यजीव संरक्षण से जुड़ने और बाघ परिवार के नए सदस्यों के नामकरण में भागीदारी का अवसर दिया है।

