News Lahar Reporter
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शनिवार को जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड स्तर पर कुल 3,18,765 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 3,08,616 प्रीलिटिगेशन मामले एवं 10,149 लंबित न्यायालयीन मामले शामिल रहे।
लोक अदालत के माध्यम से प्रीलिटिगेशन और लंबित मामलों को मिलाकर कुल 8 करोड़ 16 लाख 24 हजार 299 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन रांची से न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं अन्य उच्च न्यायाधीशों द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते और मेल-मिलाप के जरिए विवादों का समाधान भारतीय न्याय व्यवस्था की पुरानी परंपरा रही है, जिसे लोक अदालत आज भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन कुमार सौरव त्रिपाठी ने किया। वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट स्टाफ, डालसा कर्मियों एवं पीएलवी (अधिकार मित्र) की अहम भूमिका रही।
मामलों के निष्पादन के लिए जिला व्यवहार न्यायालय जमशेदपुर में कुल 13 बेंचों का गठन किया गया था।

