जमशेदपुर : टाटा समूह के संस्थापक दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने वैश्विक हालात और समूह की भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान सहित खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच कर्मचारियों की सुरक्षा समूह की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे एयर इंडिया हो, होटल व्यवसाय हो या अन्य कंपनियां, हर जगह काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे अहम है। समूह के लिए कर्मचारी पहले और व्यापार बाद में आता है।
वैश्विक अनिश्चितता के असर पर उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों का व्यापारिक गतिविधियों पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन दीर्घकालिक सप्लाई चेन पर गंभीर असर की संभावना कम है। समूह सभी संभावित जोखिमों को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार करता है। लाइम स्टोन की प्रोक्योरमेंट जारी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए उत्पादन पर खास असर नहीं पड़ेगा।
अगले पांच वर्षों में 15 लाख तक पहुंचेगी कर्मचारियों की संख्या
चेयरमैन ने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में टाटा समूह के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर लगभग 15 लाख तक पहुंच सकती है। पांच वर्ष पहले यह संख्या करीब 7.5 लाख थी, जो अब बढ़कर 11 लाख से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि समूह स्किल डेवलपमेंट पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और इसे और बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों में विविधता को बढ़ावा दिया जाएगा। सिर्फ इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी अवसर दिए जाएंगे।
कंपनियों का तकनीकी विस्तार और झारखंड में निवेश
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में नई तकनीकों पर काम कर रहा है। टाटा मोटर्स और टाटा पावर सहित अन्य कंपनियों का तकनीकी विस्तार जारी है।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर संस्थापक स्थल होने के कारण समूह के लिए विशेष महत्व रखता है। झारखंड के मुख्यमंत्री के साथ हुई सकारात्मक बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 11000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है और इस दिशा में कार्य प्रगति पर है।
एआई से रोजगार के नए अवसर
रोजगार पर एआई के प्रभाव के सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि हर नई तकनीक के साथ आशंकाएं जुड़ती हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से रोजगार की संभावनाएं सीमित नहीं बल्कि विस्तृत होंगी।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी कंपनियों के लिए एआई नए अवसर पैदा करेगा। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और टाटा पावर जैसी कंपनियों में एआई के प्रयोग में टीसीएस अहम भूमिका निभा सकता है।

