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सरायकेला-खरसावां में अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित, एन्यूमरेशन ब्लॉक गठन से लेकर तकनीकी मॉड्यूल तक की दी गई जानकारी
सरायकेला। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना (Population Enumeration-PE) के सफल और व्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिला समाहरणालय सभागार में अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें चार्ज स्तर के जनगणना पदाधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी मॉड्यूल, निर्धारित कार्यप्रणाली और उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में अपर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना देश की जनसंख्या, सामाजिक परिस्थितियों और आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसके आधार पर विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में सहायता मिलती है। इसलिए जनगणना कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
आंकड़ों की शुद्धता और गोपनीयता सर्वोपरि
अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जनगणना कार्य पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ संपादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता, गोपनीयता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने तकनीकी मॉड्यूल के इस्तेमाल में त्रुटियों से बचने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
एन्यूमरेशन ब्लॉक गठन और तकनीकी मॉड्यूल की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना विभाग, रांची के संयुक्त निदेशक डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता और सरायकेला के सांख्यिकी अन्वेषक अर्जुन राम ने जनगणना के विभिन्न चरणों, अधिकारियों की भूमिका और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन से संबंधित जानकारी साझा की।
तकनीकी प्रशिक्षण के अंतर्गत एन्यूमरेशन ब्लॉक के गठन, प्रशिक्षण प्रबंधन, लॉगिन स्टेटस, डैशबोर्ड के उपयोग, सब-एन्यूमरेशन ब्लॉक के सीमांकन तथा चार्ज रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। संबंधित पदाधिकारियों को तकनीकी प्रावधानों का सही तरीके से पालन करने और कार्य निष्पादन के दौरान संभावित त्रुटियों से बचने के निर्देश दिए गए।
विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण है जनगणना
कार्यशाला में जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि जनसंख्या और सामाजिक परिस्थितियों का आकलन करने के साथ-साथ जनगणना के आंकड़े विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में व्यावहारिक समझ विकसित करने, तकनीकी प्रक्रियाओं का समुचित अभ्यास करने और निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुरूप कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना की महत्ता को समझते हुए आंकड़ों की शुद्धता और कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित करें।
28 से 31 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
जिला प्रशासन के अनुसार, जनगणना-2027 के तहत 28 और 29 अक्टूबर 2026 को चार्ज स्तर के जनगणना पदाधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद 30 और 31 अक्टूबर 2026 को तकनीकी सहायकों एवं चार्ज लिपिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना कार्य में शामिल पदाधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक प्रक्रियाओं तथा तकनीकी पहलुओं से पूरी तरह अवगत कराना है, ताकि जनगणना का कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न किया जा सके।
अधिकारी रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रभारी सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीमती निवेदिता राय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से जनगणना कार्य की तैयारियों को व्यवस्थित करने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

