गुवा
मां सरला प्राइवेट वर्क ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रांजाबुरु खदान का खनन कार्य उनकी कंपनी को मिला है और खदान प्रभावित गांवों के स्थानीय बेरोजगार युवकों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अब तक 70 स्थानीय युवकों का भीटी मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उन्हें चरणबद्ध तरीके से कार्य पर लगाया जा रहा है। जारी सूची के अनुसार गुवा बिचाईकिरी से 1, बुंडू से 2, छोटा जामकुंडिया से 4, छोटानागरा से 5, गंगदा से 5, घाटकड़ी से 3, गुवा गोरख नगर से 1, गुवासाई से 2, जामकुंडिया से 1, जोजोगुटू से 2, कल्याण नगर से 3, कारोकुंज से 1, कोटगढ़ से 1, लेंबरे से 4, मेघाहातुबुरु से 1, नानक नगर से 1, नुईया से 3, रेलवे मार्केट से 3, राजाबेड़ा से 3, रामनगर से 4, रोवाम से 2, सेवा नगर से 3, सिंदरी गौरी से 1, तितलीघाट से 4, ठाकुरा से 2, टोंटो से 1 तथा विवेक नगर से 1 युवक शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि सभी चयन स्थानीयता के आधार पर किए गए हैं और आगे भी प्रभावित गांवों के युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग ग्रामीणों को दिग्भ्रमित कर खदान क्षेत्र में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार कुछ लोगों की मंशा रेक लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग का कार्य प्राप्त करने की है, लेकिन इस प्रकार के दबाव में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। मां सरला प्राइवेट वर्क ने दोहराया कि रांजाबुरु खदान में बाहरी व्यक्तियों की बहाली नहीं की जा रही है। कंपनी का दावा है कि स्थानीय युवकों को ही रोजगार देकर क्षेत्र के विकास और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

