जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे सिविल डिफेंस टीम द्वारा रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) के नव चयनित सहायक लोको पायलटों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), सीपीआर, श्वसन मार्ग में बाहरी वस्तु फंसने (FBAO) की स्थिति में प्राथमिक उपचार तथा आग लगने की स्थिति में फायर संयंत्रों के सुरक्षित उपयोग की मॉक ड्रिल कराई गई।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर देने की सही विधि विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि सफल सीपीआर के दौरान अचेत व्यक्ति में प्रत्येक कंप्रेशन के साथ नाड़ी महसूस होती है, छाती का उतार-चढ़ाव दिखता है, आंखों की पुतलियां प्रतिक्रिया देने लगती हैं, त्वचा का रंग सुधरता है और रोगी हलचल या निगलने का प्रयास कर सकता है। हृदय की धड़कन लौटने लगे तो इसे सीपीआर की सफलता माना जाता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किन परिस्थितियों में सीपीआर नहीं देना चाहिए, जैसे मृत्यु के बाद शरीर के निचले हिस्से में रक्त जमाव (लिविडिटी), शरीर में अकड़न, सड़ा-गला शव या अंग कटने की स्थिति।
प्रशिक्षण के दौरान श्वसन मार्ग में बाहरी वस्तु फंसने से होने वाली हाइपोक्सिया और हृदय गति रुकने की आशंका पर भी जानकारी दी गई। बच्चों के मुंह में सिक्का या भोजन का टुकड़ा फंसने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इमरजेंसी रेस्क्यू तकनीकों की मॉक ड्रिल के जरिए बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया।
इसके अलावा इंजन में लगे ऑक्सीलियरी फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन की विधि, सावधानियां तथा चोट या फ्रैक्चर की स्थिति में बैंडेज करने का तरीका भी सिखाया गया। डेमोंस्ट्रेटर कल्याण कुमार साहू, अनिल कुमार सिंह, रमेश कुमार और अनामिका मंडल ने जीवंत प्रदर्शन कर प्रशिक्षण को प्रभावी बनाया।
इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 400 सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सिविल डिफेंस टीम की कुशलता और व्यावहारिक प्रशिक्षण पद्धति की सराहना की। यह पहल भविष्य में रेलवे सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

