NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर: लंबे समय से ट्रेनों की लेटलतीफी से जूझ रहे यात्रियों का सब्र अब टूटने लगा है। यही वजह है कि समस्या अब विरोध और आंदोलन का रूप लेने लगी है। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रेल यात्री संघर्ष समिति की ओर से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई, जिसमें बड़ी संख्या में यात्रियों ने भाग लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
झारखंड के प्रमुख रेलवे जंक्शन टाटानगर स्टेशन पर इन दिनों ट्रेनों की देरी आम बात बन चुकी है। रोजाना सैकड़ों यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। कई ट्रेनों के 3 से 5 घंटे तक लेट होने से यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र और व्यापारी इससे ज्यादा परेशान हैं।
इसी समस्या को लेकर समिति ने स्टेशन परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया। यात्रियों से अपील की गई कि वे अपनी आवाज को मजबूत बनाने के लिए इसमें शामिल हों, ताकि मामला रेलवे प्रशासन और उच्च अधिकारियों तक मजबूती से पहुंच सके। बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें हिस्सा लेकर समर्थन जताया।
इस दौरान मौजूद सरयू राय ने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी अब सामान्य बात बन चुकी है, जिससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभियान में बबलू कुमार सिंह, दीपू तिवारी, गंगाधर पांडे, नरेंद्र, मनोज, रासो, दीनू, आशीष और अर्जुन मुखी समेत कई स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
यात्रियों का कहना है कि छोटी दूरी की ट्रेनें, जो पहले समय पर चलती थीं, अब घंटों लेट हो रही हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों ने साफ कर दिया है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे और अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
फिलहाल यह हस्ताक्षर अभियान इस बात का संकेत है कि यात्री अब गंभीर हो चुके हैं और समाधान चाहते हैं। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस बढ़ते दबाव के बीच क्या कदम उठाता है।

