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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा आर्थिक फैसला लिया गया। सरकार ने भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों, खासकर चीन से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को आसान बनाने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट ने वर्ष 2020 में लागू किए गए सख्त नियम प्रेस नोट 3 (2020) में संशोधन को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद अब पड़ोसी देशों के निवेश प्रस्तावों को पहले की तुलना में अधिक सहज तरीके से प्रोसेस किया जा सकेगा।
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह छूट पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होगी। निवेश पर सेक्टर-विशेष की सीमाएं, सरकारी मंजूरी (approval route) और अन्य एफडीआई नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।
गौरतलब है कि 2020 में सुरक्षा और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। अब बदलते वैश्विक आर्थिक हालात और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन नियमों में आंशिक ढील दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में। इससे आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

