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भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने गांव, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं बहाईं; 384 यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबर
काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भयावह अचानक बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचा दी। रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में पानी और मलबे का सैलाब आ गया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 384 लोग अब भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं।
बाढ़ ने रासुवा और आसपास के इलाकों में कई बस्तियों, बाजारों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।
384 यात्रियों के लापता होने की खबर
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार संपर्क से बाहर लोगों में 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें भारतीय नागरिक भी बड़ी संख्या में बताए जा रहे हैं। कई यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से उनकी तलाश और स्थिति की पुष्टि के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
बाढ़ की वजह को लेकर जांच जारी
भोटेकोशी नदी में अचानक आई इस बाढ़ के कारण को लेकर जांच जारी है। प्रारंभिक वैज्ञानिक आकलन में बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से नदी का रास्ता अवरुद्ध होने और फिर अचानक पानी का दबाव टूटने की आशंका जताई गई है। ग्लेशियल झील फटने सहित अन्य संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।
सेना और सुरक्षा बल राहत-बचाव में जुटे
नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। खराब मौसम और बाधित संचार व्यवस्था के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। प्रभावित नदी क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास भी बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान की खबर है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी सड़क, बिजली और सीमा संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है।
हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है। मृतकों एवं लापता लोगों की संख्या आगे बढ़ सकती है।
