NEWS LAHAR REPORTER
छात्राओं को बाल अधिकार, शिक्षा और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक, बाल विवाह की सूचना 1098 पर देने की अपील
मनोहरपुर, 2 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, मनोहरपुर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई, पश्चिमी सिंहभूम एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं को बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और विद्यालय में स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना था। इस दौरान छात्राओं को स्वच्छ वातावरण, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के महत्व से भी अवगत कराया गया।
बाल विवाह बच्चों के भविष्य में बड़ी बाधा : डॉ. कृष्णा कुमार तिवारी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी डॉ. कृष्णा कुमार तिवारी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास में बड़ी बाधा है। इससे बच्चों का बचपन छिन जाता है और उनकी शिक्षा तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और अपने आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं की जानकारी संबंधित विभाग को दें।
उन्होंने बाल विवाह की सूचना देने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 की जानकारी देते हुए छात्राओं को इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
बाल अधिकारों के प्रति छात्राओं को किया जागरूक
कार्यशाला में छात्राओं को बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों को शोषण और भेदभाव से मुक्त वातावरण में जीवन जीने का अधिकार भी प्राप्त है।
वक्ताओं ने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की परेशानी या शोषण की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता को जीवनशैली में अपनाने की अपील
कार्यशाला के स्वच्छता सत्र में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता, शौचालयों के नियमित उपयोग, स्वच्छ पेयजल और कचरे के उचित निपटान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
छात्राओं को बताया गया कि स्वच्छता केवल बीमारी से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और अनुशासित दिनचर्या का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्हें कक्षा, छात्रावास, रसोईघर और पूरे विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान सभी छात्राओं को स्वच्छता बनाए रखने और अपने आसपास साफ-सुथरा वातावरण रखने की शपथ भी दिलाई गई।
तनाव प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण की दी गई जानकारी
चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर फनीन्द्र बड़ाईक ने छात्राओं को पढ़ाई की बेहतर कार्यशैली, तनाव प्रबंधन और जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की भूमिका और बच्चों को मिलने वाली सहायता के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका उपस्थित अधिकारियों ने समाधान किया।
बाल विवाह के खिलाफ छात्राओं ने ली शपथ
कार्यशाला के समापन पर छात्राओं को बाल विवाह नहीं करने और समाज से इस कुप्रथा के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका फुलमनी, वार्डन, बाल सहायता केंद्र के जगन्नाथ पोद्दार सहित विद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।
कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह मुक्त समाज और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में उनकी भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

