NEWS LAHAR REPORTER
अफताब खान उर्फ टेंगर की निशानदेही पर टूटी हथकड़ी, कटा रस्सा और 2.5 फीट का सब्बल बरामद; चोरी की अन्य घटनाओं से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
गुवा संवाददाता। किरीबुरू क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूछताछ के लिए थाना लाए जाने के बाद पुलिस को चकमा देकर फरार हुए आरोपी अफताब खान उर्फ टेंगर को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर दोबारा गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके संभावित साथियों और क्षेत्र में हुई चोरी की अन्य वारदातों से उसके कनेक्शन की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए अफताब खान उर्फ टेंगर को थाना लाया गया था। गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने उसके हाथ में हथकड़ी लगाने के साथ रस्सी भी बांधी थी। इसके बावजूद आरोपी पुलिस को चकमा देकर थाना परिसर से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश के लिए तत्काल अभियान शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ किरीबुरू के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के यहां लगातार छापेमारी की। पुलिस की लगातार सक्रियता के परिणामस्वरूप करीब 72 घंटे के भीतर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
निशानदेही पर हथकड़ी, रस्सा और सब्बल बरामद
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अफताब की निशानदेही पर टूटी हुई हथकड़ी, कटा हुआ रस्सा और करीब 2.5 फीट लंबा लोहे का सब्बल बरामद किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद सब्बल का इस्तेमाल चोरी की अन्य घटनाओं में किया गया था या नहीं।
सेल अधिकारी के आवास में चोरी से भी जुड़ रहा नाम
अफताब खान उर्फ टेंगर का नाम सेल अधिकारी राहुल यादव के आवास में हुई बड़ी चोरी के मामले में भी सामने आया था। उक्त घटना में लाखों रुपये के आभूषण, लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित अन्य सामान चोरी होने की बात सामने आई थी। आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले की भी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गिरोह में कौन-कौन शामिल, जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किरीबुरू क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के पीछे कितने लोग सक्रिय हैं। साथ ही अफताब के साथ जुड़े संभावित सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसकी अन्य चोरी की घटनाओं में भूमिका और संभावित साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
थाने से फरार होने के बाद महज 72 घंटे में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अब जांच का फोकस चोरी की पुरानी घटनाओं की कड़ियां जोड़ने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है।

