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एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल ने बुजुर्गों के साथ मनाया गांधी जयंती समारोह, वृद्धजनों की सेवा का लिया संकल्प
झींकपानी, 2 अक्टूबर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड अंतर्गत बसाहातु स्थित संचार वृद्धाश्रम में शुक्रवार को एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल, पश्चिमी सिंहभूम की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने गांधीजी के विचारों और आदर्शों को याद करते हुए बुजुर्गों के प्रति सम्मान, प्रेम और सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र जामुदा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी के जीवन, उनके संघर्ष और अहिंसा के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि अहिंसा मानवता की सबसे बड़ी शक्ति है। गांधीजी का मानना था कि क्षमा करना कमजोर व्यक्ति का नहीं, बल्कि शक्तिशाली व्यक्ति का गुण है। प्रेम को जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां प्रेम है, वहीं जीवन है।
वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने बैरिस्टर का पेशा छोड़कर देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विदेशी वस्त्रों का त्याग कर सादगीपूर्ण जीवन अपनाया और सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलकर पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। यही कारण है कि आज भी पूरी दुनिया उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करती है।
बुजुर्गों की सेवा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य : विवेक शर्मा
इस अवसर पर एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक शर्मा ने समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के युवा धीरे-धीरे अपनी सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूर होते जा रहे हैं। माता-पिता अपनी संतान के बेहतर भविष्य के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते हैं और अपनी खुशियों का त्याग कर उन्हें आगे बढ़ाते हैं। लेकिन जब उन्हीं माता-पिता को अपने बच्चों के सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब कई बार उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि कुछ बुजुर्गों को परिवार के सदस्य घर से दूर कर देते हैं और उन्हें वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यहां तक कि कुछ मामलों में संपत्ति के लालच में बुजुर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार भी किया जाता है। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
विवेक शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अपने माता-पिता और घर के बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। उनके लिए समय निकालें और उनकी जरूरतों तथा भावनाओं का ख्याल रखें। उन्होंने समाज के लोगों से बेसहारा और असहाय बुजुर्गों की मदद के लिए आगे आने तथा वृद्धाश्रम जैसी संस्थाओं में पहुंचकर उनकी सेवा करने का आग्रह किया।
वृद्धजनों के बीच बांटी गई खाद्य सामग्री
गांधी जयंती के अवसर पर संगठन के सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के बीच बिस्किट और केले का वितरण किया। इसके साथ ही संचार समिति के सदस्यों को चावल, सोयाबीन, चना, दाल, मुढ़ी और सरसों तेल सहित अन्य खाद्य सामग्री प्रदान की गई।
संगठन के सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख की जानकारी ली। इस दौरान बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

