NEWS LAHAR REPORTER
मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार राघव की तबीयत बिगड़ने के बाद हुआ था एमजीएम रेफर, जेल चिकित्सक की भूमिका की जांच के आदेश
जमशेदपुर/सरायकेला। चर्चित कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार किए गए अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को एमजीएम अस्पताल से इलाज के बाद पुलिस ने दोबारा सरायकेला जेल भेज दिया। राघव की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पहले भी उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल में सरायकेला सदर अस्पताल से बेहतर चिकित्सकीय जांच के लिए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया था।
राघव को निखार सबलोक हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे एमजीएम अस्पताल लाया गया था, जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया था। इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया था और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरायकेला मंडल कारा भेज दिया गया था।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार, सरायकेला जेल में रहने के दौरान राघव की तबीयत दोबारा खराब हुई थी। उसे 12 सितंबर को सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने कई जांच कराई, लेकिन बीमारी का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद मेडिकल बोर्ड ने बेहतर जांच और इलाज के लिए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर करने की अनुशंसा की। इसके बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर उसे जमशेदपुर लाया गया।
एमजीएम में इलाज के बाद फिर जेल
एमजीएम अस्पताल में चिकित्सकीय जांच और इलाज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राघव को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में उसे वापस न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की गई। वह फिलहाल निखार सबलोक हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
जेल चिकित्सक की भूमिका भी जांच के दायरे में
राघव के इलाज और जेल से अस्पताल रेफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया को लेकर जेल चिकित्सक की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि राघव की स्वास्थ्य स्थिति, चिकित्सकीय परीक्षण, अस्पताल रेफर करने और संबंधित मेडिकल प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
24 अगस्त को हुई थी निखार सबलोक की हत्या
निखार सबलोक की 24 अगस्त 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित आसनबनी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह होटल कारोबारी थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अशोक सिंह राघव को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
जांच में सामने आए कई अहम सुराग
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप चैट समेत कई डिजिटल साक्ष्यों की मदद से कथित साजिश की कड़ियां जोड़ी गईं। जांच के दौरान पुलिस ने शूटरों और कथित साजिशकर्ताओं के बीच संपर्क की भी पड़ताल की।
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के पीछे जमीन विवाद, कारोबारी विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच कथित वर्चस्व की लड़ाई जैसे पहलुओं की जांच की गई है। विभिन्न रिपोर्टों में सुपारी की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए इस बिंदु पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
आगे भी जारी रहेगी जांच
राघव के जेल भेजे जाने के बाद पुलिस की जांच जारी है। हत्याकांड में कथित साजिश, शूटरों की भूमिका, आर्थिक लेन-देन, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य आरोपियों से जुड़े कनेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े थे।
फिलहाल अशोक सिंह राघव न्यायिक हिरासत में है। जेल चिकित्सक की भूमिका और उसके इलाज से जुड़ी प्रक्रिया की जांच के परिणाम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
