NEWS LAHAR REPORTER
वित्त आयोग की सदस्य सीमा जैन समेत 35 प्रतिनिधि पहुंचे, जादूगोड़ा-तुरामडीह और बंदुहुरांग माइंस का किया निरीक्षण
जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जादूगोड़ा में रविवार को हीरक जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। समारोह को लेकर यूसीआईएल प्रबंधन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 35 प्रतिनिधि एवं अतिथि जादूगोड़ा पहुंच चुके हैं। सभी मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था जमशेदपुर के विभिन्न होटलों में की गई है।
हीरक जयंती समारोह में शामिल होने के लिए भारत सरकार के वित्त आयोग की सदस्य सीमा जैन शनिवार सुबह करीब 10 बजे जादूगोड़ा पहुंचीं। जादूगोड़ा पहुंचने के बाद उन्होंने यूसीआईएल की विभिन्न खदानों और परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जादूगोड़ा माइंस, तुरामडीह माइंस और खुली खदान बंदुहुरांग माइंस का दौरा कर यूरेनियम उत्खनन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
सीमा जैन के दौरे को लेकर यूसीआईएल अधिकारियों ने उन्हें कंपनी की खनन गतिविधियों, उत्पादन प्रक्रिया और विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। उनके साथ आए प्रतिनिधियों ने भी खदानों का जायजा लिया।
होमी जहांगीर भाभा की आदमकद प्रतिमा का होगा अनावरण
रविवार को आयोजित मुख्य समारोह की शुरुआत यूरेनियम के जनक माने जाने वाले डॉ. होमी जहांगीर भाभा की आदमकद प्रतिमा के अनावरण के साथ होगी। सुबह करीब 10 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर जादूगोड़ा में विशेष तैयारियां की गई हैं।
डॉ. होमी जहांगीर भाभा का भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जादूगोड़ा में उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना यूसीआईएल के छह दशक लंबे सफर और देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में यूरेनियम खनन के महत्व को रेखांकित करेगी।
नरवा पहाड़ इंफॉर्मेशन सेंटर में मॉडल प्रदर्शनी
समारोह के तहत दोपहर तीन बजे नरवा पहाड़ इंफॉर्मेशन सेंटर में यूरेनियम उत्खनन से जुड़ी मॉडल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथि प्रदर्शनी का निरीक्षण करेंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से यूरेनियम के उत्खनन से लेकर उससे जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
भाभा ऑडिटोरियम में यूरेनियम विकिरण पर कार्यशाला
समारोह के अगले चरण में शाम चार बजे भाभा ऑडिटोरियम में यूरेनियम विकिरण से संबंधित विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में यूरेनियम खनन, विकिरण सुरक्षा और इससे जुड़े वैज्ञानिक एवं तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी।
यूसीआईएल के छह दशक के सफर में जादूगोड़ा क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। जादूगोड़ा की खदानों से देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम की आपूर्ति होती रही है। हीरक जयंती समारोह इसी लंबे सफर को याद करने और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा का अवसर भी बनेगा।
परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार महंती का जादूगोड़ा दौरा रद्द
जादूगोड़ा। यूसीआईएल के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार को आयोजित हीरक जयंती समारोह में शामिल होने वाले परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार महंती का जादूगोड़ा दौरा रद्द हो गया है। उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया कि डॉ. अजीत कुमार महंती को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। हालांकि, अंतिम समय में उनका जादूगोड़ा दौरा रद्द हो गया। इस संबंध में खुफिया विभाग की ओर से भी इसकी पुष्टि किए जाने की बात कही गई है।
दौरा रद्द होने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। यूसीआईएल के अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारी इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से बचते रहे।
छह दशक के सफर का गवाह बनेगा जादूगोड़ा
यूसीआईएल की स्थापना 1967 में हुई थी। कंपनी के छह दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे प्रतिनिधि जादूगोड़ा में यूरेनियम खनन के इतिहास, वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की संभावनाओं से रूबरू होंगे।
हीरक जयंती समारोह को लेकर जादूगोड़ा में उत्साह का माहौल है। समारोह में प्रतिमा अनावरण, मॉडल प्रदर्शनी और विकिरण विषयक कार्यशाला सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. अजीत कुमार महंती का दौरा रद्द होने के बावजूद समारोह की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं।

