गुवाहाटी: झारखंड की प्रमुख राजनीतिक पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अब असम की राजनीति में भी कदम बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह आगामी असम विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार सकती है।
सूत्रों के अनुसार, JMM की खास नजर उन करीब 20 विधानसभा सीटों पर है जहां टी-ट्राइब (चाय जनजाति) समुदाय का प्रभाव अधिक है। पार्टी का मानना है कि इन इलाकों में चाय बागान मजदूरों और टी-ट्राइब समुदाय के मुद्दों को लेकर वह मजबूत राजनीतिक पकड़ बना सकती है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि टी-ट्राइब समुदाय लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है। ऐसे में JMM इन मुद्दों को चुनावी एजेंडा बनाकर मैदान में उतरने की रणनीति तैयार कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा असम में चुनाव लड़ती है तो यह राज्य की राजनीति में नया समीकरण पैदा कर सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां चाय बागान मजदूरों की संख्या अधिक है।
फिलहाल पार्टी संगठन को मजबूत करने और संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में JMM की चुनावी रणनीति और सीटों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

