NEWS LAHAR REPORTER
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मनौरी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद अहमद उर्फ वकील को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार तड़के करीब चार बजे चरवा थाना क्षेत्र के तेरामील सैयद सरांवा के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान नौशाद के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए मंझनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, नौशाद अहमद पुत्र निजामुद्दीन पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी मोहम्मदपुर का निवासी है। वह पटाखा फैक्ट्री संचालक आदिल का पिता बताया जा रहा है। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार टीमें गठित की थीं। टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नौशाद 13 मिल सैयद सरांवा के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी कौशांबी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पटाखों के धमाकों से दहल उठा मनौरी
मनौरी में यह भीषण हादसा सोमवार दोपहर एयरफोर्स स्टेशन के पास स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुआ। करीब 11 बजे अचानक पटाखों में आग लग गई। इसके बाद लगातार तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा।
विस्फोट की चपेट में आने से तीन मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि चार-पांच अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। जिस मकान में पटाखों में आग लगी, उसके आसपास बूंदी कारखाना और आटा चक्की भी संचालित थी। हादसे के वक्त वहां कई लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही पूरामुफ्ती और पिपरी थाना पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के साथ मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की गई। बाद में बुलडोजर की मदद से मलबा हटाकर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
हादसे में 11 लोगों की मौत, करीब दो दर्जन घायल
इस भीषण हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब दो दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान जारी है।
मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) के रूप में हुई है।
करीब एक घंटे तक गूंजते रहे धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे से लगभग एक घंटे तक पटाखों के धमाके होते रहे। लगातार हो रहे विस्फोट से आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।
पुलिस और प्रशासन अब हादसे की विस्तृत जांच में जुटे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण और भंडारण किस तरीके से किया जा रहा था तथा वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश भी कर रही है।

