NEWS LAHAR REPORTER
खड़ियासाई में निर्माणाधीन भवन का जिला परिषद सदस्य सोनमोनी सरदार ने किया निरीक्षण, मजदूरों ने बताई मजदूरी दर; उपायुक्त से शिकायत और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
पोटका (पूर्वी सिंहभूम)। पोटका प्रखंड के खड़ियासाई में लगभग 34 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बन रहे डिग्री महाविद्यालय भवन के निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण में कथित अनियमितता, मजदूरों को दी जा रही मजदूरी और इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य सोनमोनी सरदार और उनके प्रतिनिधि सह समाजसेवी लव कुमार सरदार ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति देखी और वहां काम कर रहे मजदूरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
महिला मजदूर को 300 और कुली को 400 रुपये देने की बात
निरीक्षण के दौरान मजदूरों ने बताया कि उन्हें एक दिन की मजदूरी के रूप में महिला रेजा को 300 रुपये और कुली को 400 रुपये दिए जा रहे हैं। मजदूरी दर और भुगतान की व्यवस्था को लेकर जब निर्माण कार्य में लगे सुपरवाइजर से जानकारी मांगी गई, तो आरोप है कि उनकी ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
जिला परिषद सदस्य सोनमोनी सरदार ने मजदूरी भुगतान की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मजदूरों को सरकारी निर्धारित नियमों के अनुरूप मेहनताना मिलना चाहिए। यदि निर्धारित दर से कम भुगतान किया जा रहा है, तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर लगे सूचना पट्ट में मजदूरों की मजदूरी दर का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने पर भी सवाल उठाया।
ईंट और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों और अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर भी आपत्ति जताई गई। आरोप है कि निर्माण कार्य में काली ईंट, डस्ट और सीमेंट मिश्रित ईंट के साथ लाल ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भवन का निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की सरकारी राशि से बनने वाले शैक्षणिक भवन में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
हालांकि, मजदूरी भुगतान और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इनकी निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
34.87 करोड़ रुपये की योजना, PIU जमशेदपुर के जिम्मे निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार, पोटका के खड़ियासाई में डिग्री महाविद्यालय भवन का निर्माण झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की स्वीकृत योजना के तहत कराया जा रहा है। योजना की प्राक्कलित राशि 34,87,68,025 रुपये यानी लगभग 34.88 करोड़ रुपये बताई गई है।
निर्माण कार्य का प्रबंधन झारखंड राज भवन निर्माण निगम लिमिटेड की प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (PIU), जमशेदपुर द्वारा किया जा रहा है। महाविद्यालय को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा से संबद्धता के तहत संचालित करने का उद्देश्य है।
इतनी बड़ी राशि से बन रहे इस शैक्षणिक भवन में निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मजदूरों के अधिकारों का ध्यान रखना संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है।
उपायुक्त से करेंगे शिकायत, जरूरत पड़ी तो होगा धरना-प्रदर्शन
निरीक्षण के बाद सोनमोनी सरदार और लव कुमार सरदार ने निर्माण कार्य में लगे कर्मियों से जिम्मेदारी के साथ तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक सरकारी निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पोटका क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ और मजदूरों को नियमानुसार मजदूरी नहीं मिली, तो पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपी जाएगी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है कॉलेज भवन
पोटका में डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण पूरा होने से स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी कम हो सकती है। साथ ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का माहौल मजबूत होने की संभावना है।
लेकिन निर्माण कार्य को लेकर उठे सवालों ने अब संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच हो, मजदूरों को निर्धारित मजदूरी मिले और पूरी परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 34.87 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे खड़ियासाई डिग्री कॉलेज भवन के निर्माण में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या मजदूरों को उनका उचित मेहनताना मिलेगा और क्या संबंधित विभाग भवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय रहते कदम उठाएगा?
पोटका की जनता को केवल कॉलेज भवन के निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि यह संस्थान मजबूत, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बने, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।

