NEWS LAHAR REPORTER
सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान
सरायकेला। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन एवं कार्य व्यवहार में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की गुदड़ी बाजार, सरायकेला स्थित प्रतिमा तथा समाहरणालय परिसर में स्थापित उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की कोर्ट मोड़ स्थित प्रतिमा एवं समाहरणालय परिसर में स्थापित तैलचित्र पर भी अधिकारियों ने पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वगिंयारी, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत अपनाने का आह्वान
इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों को जीवन और कार्य व्यवहार में आत्मसात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज और प्रशासन के लिए प्रासंगिक एवं मार्गदर्शक हैं।
उपायुक्त ने स्वच्छता को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न मानते हुए इसे जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक से अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेने का संदेश
पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वगिंयारी ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और देशसेवा को याद करते हुए उनकी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांधी जी के सत्य-अहिंसा और शास्त्री जी के सादगी एवं कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श आज भी समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। दोनों महापुरुषों के विचारों को अपने आचरण में उतारकर समाज एवं राष्ट्रहित में सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

