NEWS LAHAR REPORTER
लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम पर डराने-धमकाने और गलत रिपोर्ट देने का आरोप, MGM में दोबारा जांच के बाद HIV रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा
सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गर्भवती महिला से जांच के नाम पर 500 रुपये वसूलने और HIV की कथित गलत रिपोर्ट देने का गंभीर मामला सामने आया है। महकमडीह निवासी गर्भवती महिला मनी गोप ने CHC में पदस्थापित लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम पर डराने-धमकाने और जबरन पैसे लेने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि नीमडीह CHC में जांच के दौरान उसे HIV पॉजिटिव बताया गया था, जबकि जमशेदपुर के MGM अस्पताल में दोबारा जांच कराने पर उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इस घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की जांच व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़िता मनी गोप, पति कर्ण गोप, ग्राम महकमडीह, पोस्ट सिरूम, थाना नीमडीह की निवासी हैं। उनके अनुसार, 3 सितंबर 2026 को वह गर्भावस्था के दौरान रक्त जांच कराने के लिए नीमडीह CHC पहुंची थीं। आरोप है कि वहां तैनात लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम ने जांच के नाम पर उनसे 500 रुपये ले लिए। महिला का कहना है कि जांच नहीं कराने पर गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान होने की बात कहकर उन्हें डराया गया।
गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर डराने का आरोप
मनी गोप के अनुसार, लैब टेक्नीशियन ने उनसे कहा कि यदि वह उनसे रक्त जांच नहीं कराएंगी तो बच्चा सात महीने में ही पैदा हो सकता है। इसके अलावा, रक्तस्राव होने और गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई। महिला का आरोप है कि इस तरह की बातें कहकर उन्हें भयभीत किया गया और जांच के नाम पर 500 रुपये वसूले गए।
गर्भावस्था के दौरान इस तरह की कथित धमकी से महिला और उनका परिवार मानसिक तनाव में आ गया। पीड़िता का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज और जांच के लिए पहुंचने वाले गरीब मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद चिंताजनक है।
HIV पॉजिटिव रिपोर्ट से मचा हड़कंप
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब मनी गोप को नीमडीह CHC की कथित जांच रिपोर्ट में HIV पॉजिटिव बताया गया। रिपोर्ट देखने के बाद महिला और उनके परिवार के लोग काफी परेशान हो गए। HIV जैसी गंभीर बीमारी की आशंका से परिवार में चिंता का माहौल बन गया।
पीड़िता के अनुसार, उन्होंने अपनी रिपोर्ट CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिखाई। इसके बाद उन्हें बेहतर जांच के लिए जमशेदपुर स्थित MGM अस्पताल जाने की सलाह दी गई।
MGM में दोबारा जांच के बाद निगेटिव आई रिपोर्ट
मनी गोप का दावा है कि MGM अस्पताल में दोबारा HIV जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली। हालांकि, एक ही महिला की दो अलग-अलग जांच रिपोर्ट सामने आने से स्वास्थ्य केंद्र की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
HIV जांच में अंतर आने के कारणों और दोनों रिपोर्टों की चिकित्सकीय वैधता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी जांच और निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के अनुसार अंतिम रिपोर्ट जरूरी होगी।
BDO, DC और SDO से की शिकायत
पीड़िता ने इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आवेदन में महिला ने लैब टेक्नीशियन पर कथित रूप से 500 रुपये वसूलने, डराने-धमकाने और गलत HIV रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने संबंधित कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता और प्रमाणपत्रों की भी जांच कराने की मांग की है।
महिला के अनुसार, उनके गांव से नीमडीह CHC की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। इतनी दूर से इलाज और जांच कराने पहुंचने के बावजूद यदि मरीजों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़े तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें
नीमडीह CHC के लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम के खिलाफ अन्य गर्भवती महिलाओं द्वारा भी जांच के नाम पर पैसे लेने और डराने-धमकाने की शिकायतें सामने आने की खबरें प्रकाशित हुई हैं। इनमें हिलसी गांव की मंजूषा महतो का मामला भी शामिल है। उन्होंने वर्ष 2025 में गर्भावस्था के दौरान जांच कराने के समय पैसे लेने और बच्चे को लेकर डराने का आरोप लगाया था।
इन शिकायतों की सत्यता और उन पर हुई विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है।
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
नीमडीह CHC में सामने आया यह मामला केवल 500 रुपये की कथित वसूली तक सीमित नहीं है। गर्भवती महिला की HIV जांच रिपोर्ट में अंतर आने के आरोप ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की गुणवत्ता, मरीजों के साथ व्यवहार और स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गरीब परिवार सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। ऐसे में जांच के नाम पर कथित वसूली और गंभीर बीमारी की गलत जानकारी मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मनी गोप और उनके परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कथित अवैध वसूली की जांच, HIV रिपोर्ट में अंतर के तकनीकी कारणों का पता लगाने और लैब टेक्नीशियन की योग्यता एवं प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य गर्भवती महिला को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
