NEWS LAHAR REPORTER
26 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और जनरल ऑफिस घेराव टला, मानकी-मुंडा एवं रैयत श्रमिक संघ ने मानवता के आधार पर लिया निर्णय
गुवा। समाजसेवी मांगता सुरीन के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। उनके निधन से मर्माहत मानकी-मुंडा एवं रैयत श्रमिक संघ ने गुवा सेल प्रबंधन के खिलाफ 26 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और जनरल ऑफिस घेराव कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है। संघ के इस निर्णय के बाद आंदोलन की तैयारियों पर विराम लग गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारंडा पीढ़ के मानकी सुरेश चाम्पिया की अध्यक्षता में गुवा सेल प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन एवं जनरल ऑफिस घेराव की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच रांची स्थित रिम्स अस्पताल में समाजसेवी मांगता सुरीन के निधन की खबर मिली। इसके बाद मानकी-मुंडा एवं रैयत श्रमिक संघ ने शोक की इस घड़ी में मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हुए प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों के सुख-दुख के साथी थे मांगता सुरीन
मांगता सुरीन गांव के सक्रिय, लोकप्रिय और समर्पित समाजसेवी के रूप में जाने जाते थे। वे हमेशा ग्रामीणों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते थे। किसी परिवार पर संकट आने या किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता पड़ने पर वे मदद के लिए आगे आते थे। गांव की भलाई, सामाजिक एकता और ग्रामीणों के हितों के लिए उनका योगदान सराहनीय रहा।
उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और दूसरों के प्रति अपनत्व की भावना ने उन्हें ग्रामीणों के बीच विशेष पहचान दिलाई थी। यही वजह है कि उनके आकस्मिक निधन की खबर से गांव के लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।
सामाजिक योगदान को लंबे समय तक याद रखेंगे ग्रामीण
मांगता सुरीन के निधन को ग्रामीण समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कार्यों के माध्यम से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से गांव ने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है, जो हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़ा रहने का प्रयास करता था।
मानकी-मुंडा एवं रैयत श्रमिक संघ द्वारा प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय भी इसी संवेदनशीलता को दर्शाता है। फिलहाल 26 अक्टूबर को होने वाला धरना-प्रदर्शन और जनरल ऑफिस घेराव कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। आंदोलन की अगली तारीख के संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
मांगता सुरीन की सामाजिक सेवाएं और ग्रामीणों के प्रति उनका समर्पण क्षेत्र के लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक बना रहेगा।

