NEWS LAHAR REPORTER
## एरिक संस मोबाइल दुकान में घुसकर दुकान को बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप, चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई
*जमशेदपुर।* मानगो के डिमना चौक इलाके में स्थित *Erik Sons मोबाइल दुकान* में घुसकर दुकान को बम से उड़ाने की धमकी देने और दुकान मालिक पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना से इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट के मुताबिक, कुछ लोग मोबाइल दुकान में घुसे और दुकान को *बम से उड़ाने की धमकी* दी। इसी दौरान दुकान मालिक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और *चाकू से हमला* किया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न होने की बात कही जा रही है।
### दुकान में घुसकर दी धमकी
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि आरोपी दुकान के अंदर घुसे और दुकान संचालक को धमकाते हुए दुकान को बम से उड़ाने की बात कही। इसके बाद विवाद बढ़ गया और दुकान मालिक पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है।
हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, कितने लोग इसमें शामिल थे और हमला किस विवाद को लेकर हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
### डिमना चौक में सुरक्षा को लेकर फिर सवाल
डिमना चौक जमशेदपुर के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां पहले भी आपराधिक घटनाओं और विवादों की खबरें सामने आती रही हैं। हाल के महीनों में भी डिमना चौक क्षेत्र में हथियार और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आए हैं। जून 2026 में पुलिस ने डिमना चौक के पास हथियार के साथ दो युवकों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।
ऐसे में मोबाइल दुकान में घुसकर कथित तौर पर धमकी और चाकू से हमला किए जाने की घटना ने व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
### पुलिस जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर
घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, आरोपियों की पहचान क्या है और किसी की गिरफ्तारी हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक पुलिस जानकारी मिलने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के आधार पर सामने आई जानकारी में *बम से उड़ाने की धमकी और चाकू से हमला करने के आरोप* लगाए गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना वास्तव में किस तरह हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
*NEWS LAHAR.IN की अपील:* किसी भी आपराधिक घटना से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या वीडियो को बिना सत्यापन के आगे साझा करने से बचें। आधिकारिक पुलिस जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
