NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर शुक्रवार को चौथे दिन भी झारखंड में देखने को मिला। कोल्हान समेत राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही झमाझम बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को झारखंड में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है।
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। खरकई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले अगस्त में भी आदित्यपुर पुल के पास खरकई का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर दर्ज किया गया था।

चांडिल डैम के 9 गेट खुले
लगातार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर 181 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बाद डैम के 13 में से 9 रेडियल गेट खोले गए हैं। जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
सड़कों पर जलभराव, आवागमन प्रभावित
सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण जमशेदपुर के कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं। प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलजमाव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश जारी रहने से जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को झारखंड में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 26 और 27 सितंबर को भी गरज-चमक और वज्रपात का दौर जारी रह सकता है।
फिलहाल कोल्हान में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय एवं निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
