जमशेदपुर :
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि “कम अक़्ल को सलाह देने के बदले दो पैसा दे देना बेहतर होता है।” उन्होंने कहा कि आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
सरयू राय ने बयान जारी कर कहा कि सोनारी स्थित मरीन ड्राइव किनारे जिस भूखंड पर मानगो और जेएनएसी का कूड़ा फेंका जाता था, वहां कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया था और उसमें आग लगने से पूरे इलाके में गंभीर प्रदूषण फैल गया था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद वरिष्ठ नागरिक केएस. उपाध्याय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में मामला दर्ज कराया।
उन्होंने बताया कि एनजीटी में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष जवाब देने में विफल रहा और ट्रिब्यूनल ने फटकार लगाते हुए उस स्थान पर कचरा गिराने पर तत्काल रोक लगाने, आग बुझाने और कचरा हटाने का आदेश दिया।
सरयू राय ने कहा कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, उस समय बन्ना गुप्ता खुद सरकार में मंत्री थे। उसी सरकार ने कचरा डंपिंग बंद कराई और करोड़ों रुपये का टेंडर निकालकर सफाई का काम शुरू कराया। ऐसे में यदि आज मानगो की गलियों और सड़कों पर कचरा जमा हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय सफाई व्यवस्था और ठेकेदारों की है, न कि विधायक की।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मेयर पति बनने के ख्वाब में बयानबाजी करने से पहले सच्चाई जान लेनी चाहिए।” राय ने बन्ना गुप्ता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
सरयू राय ने सवाल उठाया कि मोहल्लों और गलियों में कचरा जमाव के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब बन्ना गुप्ता को देना चाहिए।
*Meta Description (23 words):*
Saryu Rai hits back, blames Banna Gupta over garbage dumping, cites NGT order, demands apology, highlights pollution crisis in Jamshedpur, Jharkhand civic failure.

