NEWS LAHAR REPORTER
मुंबई/रालेगण सिद्धि, 23 जून। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए सूचना का अधिकार (RTI) नियमों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। हजारे ने स्पष्ट कहा है कि यदि राज्य सरकार RTI नियमों में किए गए विवादित बदलावों को वापस नहीं लेती है तो वह 5 जुलाई से अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि स्थित यादव बाबा मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
अन्ना हजारे ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि 12 जून को लागू किए गए ‘महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026’ RTI कानून की मूल भावना और पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
नए नियमों पर क्या हैं आपत्तियां?
अन्ना हजारे का कहना है कि नए नियमों से आम नागरिकों के लिए सरकारी सूचनाएं प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा। उन्होंने RTI आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने इसके पीछे कोई ठोस वित्तीय आधार या तर्क प्रस्तुत नहीं किया है। हजारे के अनुसार RTI का उद्देश्य राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सूचना तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने आवेदन के साथ पहचान पत्र अनिवार्य करने के प्रावधान का भी विरोध किया है। हजारे का तर्क है कि RTI अधिनियम की धारा 6(2) के अनुसार आवेदक को सूचना मांगने का कारण या अनावश्यक व्यक्तिगत जानकारी देने की बाध्यता नहीं है। ऐसे नियम व्हिसलब्लोअर्स और भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने वाले नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
‘एक विषय, एक आवेदन’ नियम पर भी सवाल
हजारे ने नए नियमों में शामिल ‘एक विषय, एक आवेदन’ व्यवस्था को भी अनावश्यक बताते हुए कहा कि इससे लोगों को एक ही मामले से जुड़ी जानकारी के लिए कई आवेदन देने पड़ सकते हैं। इससे प्रक्रिया जटिल होने के साथ-साथ आवेदकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। उन्होंने अपील खारिज करने, कानूनी सहायता पर प्रतिबंध और आवेदक की मृत्यु होने पर मामला समाप्त करने जैसे प्रावधानों पर भी गंभीर आपत्ति जताई है।
सरकार पहले ही एक विवादित प्रावधान वापस ले चुकी
गौरतलब है कि नए RTI नियमों में शुरुआत में आवेदकों से सूचना मांगने का उद्देश्य बताने का प्रावधान भी शामिल था। व्यापक विरोध और कानूनी सवाल उठने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस विवादित प्रावधान को लागू होने के एक सप्ताह के भीतर वापस ले लिया था।
क्या है RTI कानून?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकारी विभागों से जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। RTI के तहत प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण को निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध करानी होती है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अन्ना हजारे का यह आंदोलन महाराष्ट्र में RTI व्यवस्था और पारदर्शिता के मुद्दे को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला सकता है। 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद यह पहला बड़ा अवसर होगा जब हजारे किसी जनहित के मुद्दे पर आमरण अनशन की राह पर जाते दिखाई दे रहे हैं। यदि सरकार और हजारे के बीच सहमति नहीं बनती है तो 5 जुलाई से शुरू होने वाला यह आंदोलन राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
