News Lahar Reporter
जमशेदपुर: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित एमजीएम अस्पताल के पास फर्नीचर दुकानदार से कथित रंगदारी मांगने और गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को पुलिस की हिरासत से छुड़ाने की कोशिश के मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। एक मामला दुकानदार की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जबकि दूसरा सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस से धक्का-मुक्की और पथराव के आरोप में पुलिस अधिकारी के आवेदन पर दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार, निर्मल नगर निवासी मिथुन शर्मा ने आरोप लगाया कि सोमवार रात करीब 9:45 बजे नंदू लोहार अपने साथियों के साथ उनकी फर्नीचर दुकान पर पहुंचा और चापड़ दिखाकर रंगदारी की मांग की। सूचना मिलने पर सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच के बाद आरोपी नंदू लोहार को चंडी नगर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का आरोप है कि जब नंदू लोहार को जीप में बैठाकर थाना लाया जा रहा था, तभी उसके परिजन और समर्थक वहां पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को पुलिस की हिरासत से छुड़ाने का प्रयास किया, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और पथराव भी किया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
रंगदारी मामले में दर्ज एफआईआर में नंदू लोहार, उसकी मां शीला लोहार, उसकी तीन बहनों, तीन जीजा और पत्नी को नामजद किया गया है। वहीं पुलिस की शिकायत पर दर्ज दूसरी एफआईआर में नंदू लोहार, उसकी मां शीला लोहार, उसकी दोनों पत्नियां पुष्पांजलि कर्मकार और माही कर्मकार, बहन नंदिनी लोहार, उसके पति गोलू कर्मकार, बहन मुस्कान कर्मकार, उसके पति राहुल पासवान तथा मौसी पिंकी दास सहित 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और मुख्य आरोपी नंदू लोहार को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
वहीं दूसरी ओर नंदू लोहार के परिजनों ने पूरे मामले को पुरानी रंजिश का परिणाम बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि दुकानदार मिथुन शर्मा ने झूठी सूचना देकर उनके परिवार को फंसाने की कोशिश की है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही हैं

