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चाईबासा। चाईबासा सदर अस्पताल स्थित रक्त केंद्र में इमरजेंसी के दौरान रक्त उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जरूरत के समय रक्त नहीं मिलने से मरीज के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ताजा मामला एक गर्भवती महिला का है, जिसे आपात स्थिति में A Positive (A+) रक्त की आवश्यकता बताई गई।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सदर अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला के लिए परिजन रक्त केंद्र पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने रक्त उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इससे मरीज के परिजन परेशान हो गए और तत्काल रक्त की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकने लगे।
बताया गया कि इस दौरान एक सामाजिक कार्यकर्ता ने रक्त केंद्र के कर्मचारियों से आग्रह किया कि यदि अस्पताल में आवश्यक रक्त उपलब्ध नहीं है तो इसकी जानकारी लिखित रूप में दे दी जाए, ताकि मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कराने की प्रक्रिया में सुविधा हो सके। आरोप है कि लिखित जानकारी देने से भी इनकार कर दिया गया।
इस घटना के बाद रक्त केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रक्तदान को लेकर अस्पताल परिसर में जागरूकता के संदेश लिखे गए हैं, लेकिन जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध नहीं होने की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने सवाल उठाया कि यदि गंभीर मरीजों को रक्त के लिए जमशेदपुर के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़े, तो चाईबासा में संचालित रक्त केंद्र की व्यवस्था को और मजबूत क्यों नहीं किया जा रहा है।
प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में—
- रक्त केंद्र में विभिन्न रक्त समूहों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- इमरजेंसी में रक्त उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मरीज के परिजनों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना।
- जरूरत पड़ने पर रक्त की अनुपलब्धता की लिखित जानकारी देने की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना।
लोगों का कहना है कि रक्त की उपलब्धता जैसी आपात स्वास्थ्य सेवा में किसी भी स्तर की लापरवाही मरीजों और उनके परिजनों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। हालांकि, मामले में रक्त केंद्र प्रबंधन अथवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
