NEWS LAHAR REPORTER
जमशेदपुर, 23 सितंबर। बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति सामने आई है। झारखंड सरकार ने परियोजना से जुड़े 19 बिंदुओं पर मांगे गए जवाब और जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। अब केंद्रीय स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा और आगे की स्वीकृति का इंतजार है।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से विभिन्न मुद्दों पर जानकारी और अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई थी। इनमें वन भूमि, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, हाथी गलियारे पर संभावित प्रभाव, जमीन के सीमांकन तथा एयरपोर्ट की तकनीकी तैयारियों से जुड़े बिंदु शामिल थे। राज्य सरकार की ओर से इन सभी बिंदुओं पर जवाब तैयार कर केंद्र को भेजा गया है।
पीसीसीएफ स्तर पर तैयार हुई रिपोर्ट
परियोजना से जुड़े 19 बिंदुओं पर अनुपालन रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में राज्य के वन विभाग और संबंधित अधिकारियों ने काम किया। रिपोर्ट का अंतिम मसौदा तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को भेजा गया है। सरकारी वन मंजूरी पोर्टल पर भी धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की परियोजना सूचीबद्ध है और वर्तमान स्थिति में प्रस्ताव प्रक्रिया में लंबित दिख रहा है।
अब केंद्र की मंजूरी पर नजर
राज्य सरकार की ओर से जवाब और जरूरी दस्तावेज भेजे जाने के बाद अब केंद्र सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) स्तर पर इसकी समीक्षा होगी। इसके बाद परियोजना के लिए आगे की वन एवं पर्यावरणीय तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी अंतिम मंजूरी जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना लंबे समय से वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों के कारण अटकी हुई है। अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्रालय ने परियोजना से जुड़े 19 बिंदुओं पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी।
एयरपोर्ट बनने से जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में हवाई संपर्क को विस्तार मिलने की संभावना है। फिलहाल क्षेत्र की नजर केंद्र सरकार की ओर से होने वाली अगली समीक्षा और स्वीकृति प्रक्रिया पर टिकी है।
